जोधपुर

Rajasthan : युवती ने परिवार के साथ जाने का फैसला लिया, तो हाईकोर्ट की बालकनी से लटक गया प्रेमी, मचा हड़कंप

Rajasthan High Court : जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में सोमवार को प्रेम प्रसंग से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब युवती के परिजनों के साथ जाने की इच्छा जताई।
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Updated: 26 Oct 2026, 10:40 PM IST
girl decided go with family lover hanging rajasthan high court balcony
Rajasthan High Court : फाइल फोटो पत्रिका।

Rajasthan High Court : जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में सोमवार को प्रेम प्रसंग से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब युवती के परिजनों के साथ जाने की इच्छा जताने पर एक युवक हाईकोर्ट की बालकनी से लटक गया। गनीमत रही कि वकील मौके पर मौजूद थे। उन्होंने युवक को बचा लिया। पुलिस ने युवक को शांतिभंग के आरोप में पकड़ा है। जानकारी के अनुसार, प्रेमी युगल से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान युवती ने अपने बयान में परिजनों के साथ जाने की इच्छा जताई। युवती के इस फैसले से नाराज युवक बाड़मेर रोड स्थित गंगाणा निवासी अरबाज खान (22 वर्ष) ने बालकनी से लटककर कूदने का प्रयास किया।

अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। युवक को बालकनी से लटकता देख मौके पर मौजूद अधिवक्ता तुरंत हरकत में आए। उन्होंने समय रहते युवक को पकड़ लिया, जिससे वह नीचे गिरने से बच गया। अधिवक्ताओं की तत्परता से हाईकोर्ट परिसर में एक बड़ा हादसा टल गया।

Rajasthan High Court : हाईकोर्ट की बालकनी से लटकता युवक। फोटो पत्रिका

कथित फर्जी विवाह प्रमाण पत्र पर भी होगी सुनवाई

इससे पूर्व राजस्थान हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए युवती की अभिरक्षा उसकी बुआ को सौंपने के निर्देश दिए हैं। युवती ने परामर्श के दौरान बुआ के साथ जाने की इच्छा जताई थी। बुआ ने भी उसकी अभिरक्षा लेने पर सहमति दी। याचिकाकर्ता पिता ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं की। कोर्ट ने कथित फर्जी विवाह प्रमाण पत्र से जुड़े मामले को भी अगली सुनवाई पर अपने समक्ष रखने का निर्देश दिया है।

न्यायाधीश मुन्नूरी लक्ष्मण और न्यायाधीश चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट के निर्देश पर युवती को जोधपुर स्थित राजकीय नारी निकेतन से पेश किया गया था। नारी निकेतन की परामर्श रिपोर्ट के अनुसार युवती अपनी बुआ के साथ जाना चाहती थी। इस पर कोर्ट ने नारी निकेतन को युवती की अभिरक्षा उसकी बुआ देवी को सौंपने का आदेश दिया। इस मामले में 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने युवती और अरबाज खान के कथित विवाह के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने का उल्लेख किया था।

मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी

खंडपीठ के आदेश के अनुसार संरक्षण याचिका में पेश किए गए विवाह प्रमाण पत्रों के सत्यापन में उन्हें फर्जी पाया गया था। यह संरक्षण याचिका अभी लंबित है। परामर्श रिपोर्ट के अनुसार वह माता-पिता के साथ जाने को तैयार नहीं थी और एक रिश्तेदार के साथ जाने की इच्छा जता रही थी। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देश दिया कि फर्जी विवाह प्रमाण पत्र के मामले को अगली सुनवाई पर खंडपीठ के समक्ष पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।

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26 Oct 2026, 10:40 PM IST
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