Rajasthan Scooty Scheme: राज्य सरकार ने स्कूटी वितरण योजना में बड़ा बदलाव करते हुए अब छात्राओं को 70 हजार रुपए सीधे खाते में देने का फैसला किया है।
जोधपुर। कालीबाई भील मेधावी छात्रा एवं देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजनाओं में लंबे समय से आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब स्कूटी वितरण के स्थान पर पात्र छात्राओं को स्कूटी के लिए अनुमोदित 70 हजार रुपए सीधे उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजे जाएंगे। इस निर्णय से वितरण प्रक्रिया तेज होगी और कॉलेजों पर पड़ने वाला अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ भी कम होगा।
कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने आदेश जारी कर वर्ष 2024-25 की स्थायी वरीयता सूची में चयनित 25,977 छात्राओं की पात्रता की सख्त जांच के बाद ही डीबीटी के लिए आवेदन स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें जोधपुर की 338 छात्राएं भी शामिल हैं।
छात्राओं को आवेदन में बैंक खाता, आईएफएससी कोड, मोबाइल नंबर सहित सभी आवश्यक विवरण अपडेट करने होंगे। साथ ही पासबुक या कैंसिल चेक अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। जिला नोडल अधिकारी इन दस्तावेजों का मूल प्रमाणों से मिलान कर अंतिम स्वीकृति देंगे। उल्लेखनीय है कि 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर कॉलेज में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलता है।
पूर्व में स्कूटी वितरण की प्रक्रिया में आपूर्ति, भंडारण, पंजीकरण और वितरण की जिम्मेदारी कॉलेजों पर ही होती थी। स्कूटियों की देरी से आपूर्ति और भंडारण की समस्या के कारण कई बार कक्षाओं तक में वाहन रखने पड़ते थे, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं।
नई व्यवस्था के तहत छात्राओं को अपनी पसंद से स्कूटी खरीदने की स्वतंत्रता मिलेगी, जबकि कॉलेजों को लॉजिस्टिक जिम्मेदारियों से राहत मिलेगी। इससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अपात्र छात्रा का आवेदन स्वीकृत कर राशि ट्रांसफर होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य और जिला नोडल अधिकारी की व्यक्तिगत मानी जाएगी।
डीबीटी व्यवस्था से कई समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और कॉलेजों का शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनेगा। इस बदलाव की मांग लंबे समय से की जा रही थी।