
भोपालगढ़ (जोधपुर). लोकदेवता गोगाजी की आराधना का पर्व गोगानवमी मंगलवार को क्षेत्र के कई गांवों में पारम्परिक श्रद्धा-विश्वास और पूर्ण आस्था के साथ मनाया गया। इस मौके पर कस्बे समेत कई जगह पर मेले भी भरे गए और दिन भर उमड़ी रही ग्रामीणों की भीड़ के बीच गोगाजी के भोपों ने इस वर्ष के साथ ही अगले बरस के लिए बरसात व खुशहाली की भविष्यवाणियां भी की।
सुखद बारिश व धन-धान्य के लोकदेवता के रुप में पूजे जाने वाले पर्व गोगानवमी पर केसरिया कंवरजी के थान पर मेला भरा गया। जहां सवेरे से ही श्रद्घालु आने लगे। यह सिलसिला शाम तक भी जारी रहा। दोपहर बारह बजे तक यहां सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच गए। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना शुरु की गई और गोगाजी के भोपों को छाया आने लगी।
उन्हें देखने के लिए लोगों में होड़ सी लग गई और भोपों की छाया व करतबों के साथ उनकी भविष्यवाणियां सुनने को आतुर नजर आए। इस दौरान इन भोपों ने कस्बे समेत क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आगामी दिनों में फिर से अच्छी बरसात होने के साथ ही इस साल की तरह ही अगले साल भी सुकाल होने की भविष्यवाणी की। इस मौके पर कस्बे सहित आसपास के गांवों से आए श्रद्धालुओं व ग्रामीणों ने नारियल के साथ-साथ खीर व सेवईयों का प्रसाद चढ़ाकर बरसात की देश-प्रदेश में अमन-चैन एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर भरे गए मेले में तरह-तरह की दुकानें सजी और झूले भी लगाए गए। जहां महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की और मेले का आनंद लिया। वहीं दूसरी ओर गोगानवमी के मौके पर कस्बे के अधिकांश घरों में भी खीर-सेवईयां बनाकर प्रात:काल के समय में मिट्टïी से बनाए गए गोगाजी के प्रतीकात्मक घोड़ों की पूजा-अर्चना की गई और गोगाजी महाराज को श्रद्धा से याद करते हुए मन्नतें मांगी गई।
बासनी हरिसिंह में भी भरा मेला
गोगानवमी पर क्षेत्र के बासनी हरिसिंह गांव में भी केसरिया कंवरजी के स्थान पर मेला भरा गया और यहां सरपंच भैरुसिंह कुम्पावत के साथ ही समाजसेवी नारायणसिंह कुम्पावत, भोपाजी कालूसिंह रावणा राजपूत, भंवरलाल नायक, शंकर देवासी, मोटाराम मुण्डेल, गोरधन के साथ ही भजन गायक कलाकारों समेत गई लोगों की मौजूदगी में भोपों को छाया आई और उन्होंने बारिश व जमाने को लेकर कई तरह की भविष्यवाणियां भी की।
इसी प्रकार देवातड़ा में भरे गए गोगाजी के मेले में समाजसेवी भूराराम ओसू, उपप्रधान रामरख ओसू व सरपंच अर्जुन मेघवाल समेत कई लोग मौजूद रहे। दूसरी ओर क्षेत्र के बागोरिया व बुड़किया आदि गांवों के साथ ही कई अन्य गांवों में गोगानवमी का यह पर्व भादवे की अगली नवमी को मनाया जाएगा।