जोधपुर

सरकार ठेकेदारों पर मेहरबान, सात साल पुराना बकाया होगा भुगतान

पिछले करीब 7 साल से अधिक समय से जेडीए के विवादित मामले में आखिरकार भुगतान के लिए कदम बढऩे लगे हैं। गैर राजकीय भूमि पर हुए विकास कार्य और स्वीकृति से अधिक कार्य करवाने का मामला एसीबी में चला गया था।
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Nov 16, 2020
सरकार ठेकेदारों पर मेहरबान, सात साल पुराना बकाया होगा भुगतान
सरकार ठेकेदारों पर मेहरबान, सात साल पुराना बकाया होगा भुगतान

जोधपुर.

पिछले करीब 7 साल से अधिक समय से जेडीए के विवादित मामले में आखिरकार भुगतान के लिए कदम बढऩे लगे हैं। गैर राजकीय भूमि पर हुए विकास कार्य और स्वीकृति से अधिक कार्य करवाने का मामला एसीबी में चला गया था। इसके बाद सरकार बदली और 15 फाइल जिनमें प्रकरण दर्ज हैं उसमें गिरफ्तारी भी हुई।

गैर राजकीय भूमि पर ऐसे हुए काम

545 कुल कार्य गैर राजकीय भूमि पर हुए थे। इस संबंध में फाइलें एसीबी में गई थी। बाद में सात साल तक किसी प्रकार के भुगतान नहीं हुए। इसके बाद राज्य सरकार ने चार सदस्यीय एक कमेटी बनाई। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में उन कार्यों को क्लीन चिट दी। कार्यसमिति की बैठक में इन कार्यों को भुगतान के लिए स्वीकृति दे दी गई है।

अतिरिक्त कार्य

साथ ही कई स्वीकृत कार्यों से अतिरिक्त कार्य और स्थान परिवर्तन करवा कर भी कार्य करवाए गए। इनका भी भुगतान पिछले कई सालों से अटका था। अब ऐसे ठेकेदारों को फिर से कांग्रेस सरकार आने से भुगतान हो सकेगा। फिलहाल प्राधिकरण बैठक में रखकर इन फाइलों को पास करवाया जाएगा।

तंगहाली में 100 करोड़ से ज्यादा भुगतान

जेडीए पहले से ही तंगहाली में है। पिछले दिनों यूडीएच के अधिकारियों ने भी कहा था कि एकमात्र ऐसा प्राधिकरण है जो बजट के लिए हमारी ओर देख रहा है। इसी कारण शहर विकास के कई बड़े प्रोजेक्ट भी स्वीकृत नहीं हुए। अब 100 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक भार प्राधिकरण पर पड़ेगा। ऐसे में यह भुगतान कैसे हो पाएगा यह सवाल है।

कई अन्य मुद्दे भी स्वीकृत

कार्यसमिति की बैठक में दो नए एसटीपी, जेडीए की आवासीय योजना में पेयजल सुविधाओं के विकास के साथ एइइडी लाइटें लगाने की भी सहमति बनी है।

Published on:
16 Nov 2020 10:30 pm