
आगोलाई/जोधपुर. सरकार की शिक्षा नीति से ग्रामीण क्षेत्र में अभिभावक अपने बच्चो को सरकारी स्कूलों में भेजने से कतरा रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में नामांकन बढऩे की जगह कम हो रहा है। एक तरफ सरकार व शिक्षा विभाग जहां शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए होर्डिंग से लेकर विभिन्न प्रकार के विज्ञापनों से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के दावे कर अपनी पीठ थपथपा रही है।
वहीं बालेसर उपखंड की दुगर ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम हड़मानगढ़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय भाटों की हालत इन दावों का मुंह चिढ़ा रहे है। प्राथमिक स्तर के इस विद्यालय में वर्तमान 65 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो गत वर्ष की तुलना में कम है। स्कूल में शिक्षकों के स्वीकृत तीन पदों में से वर्तमान समय में एकमात्र शिक्षक होने के कारण शिक्षक, अभिभावक व विद्यार्थी सब परेशान हैं।
वर्तमान समय में विद्यालय संभाल रहे शिक्षक अश्विनी कुमार इस प्राथमिक विद्यालय के कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक के सभी विद्यार्थियों को स्कूल के बरामदे में बैठाकर कक्षानुसार जैसे-तैसे शिक्षण कार्य करवा रहे हैं। स्कूल में कार्यरत दो अन्य शिक्षकों में से एक शिक्षिका गत नवम्बर से प्रसूति अवकाश पर हैं तो एक अन्य शिक्षक आने वाले करीब तीन महिनों तक छुट्टी पर रहेगा। ऐसी स्थिति में इस स्कूल के 65 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ हैं, क्योंकि एकमात्र शिक्षक एक समय में एक साथ पांच कक्षाओं को पढ़ा नही सकता।
साथ ही हर बच्चे का रिकार्ड अपडेट रखना, मिड डे मील, सीसीई रिकार्ड संधारण के अलावा विभागीय डाक बनाना सहित अनेक कार्य भी करने पड़ते हैं। परीक्षाएं सिर पर होने पर भी विभागीय लापरवाही को खामियाजा भुगत रहे बच्चों के अभिभावकों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षक लगाने की मांग की है, अन्यथा मजबूर होकर बच्चों की टीसी कटवाई जाएगी या फिर स्कूल की तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा ।
इनका कहना है
शिक्षा विभाग की ये नीतियां हमारे बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। हम अपने बच्चों को कैसे भेजे सरकारी विद्यालय में जब पूरी स्कूल में पढ़ाने वाला एक ही शिक्षक हो। अगर जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षण व्यवस्था दुरुस्त नही हुई तो हम सभी अभिभावक स्कूल की तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
- शैतानाराम भाट, अभिभावक व पूर्व वार्डपंच, ग्राम पंचायत, दुगर
एक शिक्षिका के प्रसूति अवकाश पर व एक शिक्षक के अवकाश पर होने के कारण स्कूल में शैक्षिणिक व्यवस्था बनाने में परेशानी आ रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाकर व्यवस्था करेंगे।
- निर्मला सोनगरा, पीईईओ, दुगर
राप्रावि भाटों की ढाणी में एकमात्र के शिक्षक के भरोसे पूरी स्कूल है तो पता करके संबंधित पीईईओ को शीघ्र शिक्षक लगाने के निर्देशित कर शिक्षण व्यवस्था सुचारू करवाई जाएगी।
- गायड़सिंह इंदा, सीबीईओ, बालेसर