
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. जोधपुर में डेंगू के वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ रहे हंै। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सरकारी वेबसाइट ‘ राजस्वास्थ्य ’ पर मौसमी बीमारियों के विकल्प पर डेंगू के आंकड़े 14 अक्टूबर तक 132 बताए जा रहे हैं, जबकि इस दिन तक डेंगू का आंकड़ा जोधपुर में 350 के पार पहुंच गया था। अब वेबसाइट पर भी डेंगू आंकड़े छिपाए जाने का कार्य चल रहा है।
दूसरी ओर सरकारी अस्पताल में कार्ड टेस्ट के जरिए मरीजों को डेंगू होने व नहीं होने की पुष्टि की जा रही है। इसी के कार्ड टेस्ट के जरिए ज्यादातर डेंगू मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जबकि सरकार एलिजा टेस्ट को कंफर्म मान ही अपने रिकार्ड में ले रही है, ऐसे में कार्ड टेस्ट की आड़ में डेंगू के वास्तविक आंकड़े छिप रहे हैं। इस ऊहापोह के बीच कई निजी अस्पतालों के आंकड़े भी स्वास्थ्य विभाग छिपा रहा है।
इन हालातों में शहर में डेंगू बेकाबू हो गया है। इस साल डेंगू के कंफर्म टेस्ट एलिजा के आंकड़े अनुसार 659 मरीज जोधपुर में आ चुके हैं। कार्ड टेस्ट से डेंगू पॉजिटिव आने वाले रोगियों की संख्या लगभग 15 हजार के आसपास पहुंच गई है। शहर में गुरुवार को 12 नए रोगी डेंगू के सामने आए। डेंगू रोगी नई सडक़, बाड़मेर, बीकानेर, दिलीप नगर लालसागर, पाली, नागौर, कमला नेहरू नगर, बालसमंद, एफटीआर कैंपस व बी ब्लॉक बैरक बीसीएफ से सामने आए हैं।
10 टायफाइड के मरीज मिले
शहर में डेंगू के साथ टायफाइड के आंकड़ों में निरंतर वृद्धि हो रही है। ये रोगी पन्नालाल गोशाला मंडोर, फलोदी, पाली, महामंदिर, मकराना मोहल्ला व दो अन्य रोगी सेंट्रल जेल इलाके से हैं।
जोधपुर में इस साल 659 मरीजों को डेंगू
प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में डेंगू के इस साल 659 मरीज सामने आए हैं। ये मरीज एलिजा टेस्ट (सरकार की गाइडलाइन अनुसार डेंगू का कन्फर्म जांच) से सामने आए हैं। वहीं इस साल कार्ड टेस्ट में डेंगू के मरीज करीब 15 हजार सामने आ चुके हैं। वर्ष 2018 में डेंगू के 540 रोगी सामने आए थे।