
बेलवा (जोधपुर) . पंचायत चुनावों को लेकर निर्वाचन विभाग द्वारा आदेश के बाद सरपंच प्रत्याशियों की नींद उड़ गई है। गुरुवार को आए चुनावी रोक के आदेश के बाद सरपंच प्रत्याशी असमंजस में है तो वही दूसरी ओर नामांकन जमा होने के साथ ही चुनाव चिह्न आवंटित करने से दावेदारों को चुनाव देरी से होने से समीकरण बदलने का डर सता रहा है।
चुनाव से एकवक्त पूर्व विभाग के आदेश से चुनावी रंगत फीकी हो गई है। अब 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद ही मतदान प्रक्रिया करवाने को लेकर रुख स्पष्ट हो सकेगा।
चुनावी तिथि नजदीक होने से प्रत्यशियो ने रसोड़ेे शुरू कर दिए थे। लेकिन अब चुनाव देरी के बीच रसोड़े में प्रतिदिन लाखों का खर्चा हो रहा है। अब प्रत्याशियों के लिए धर्मसंकट पैदा हो गया है, रसोड़े शुरू रखें या नही। जहां चुनावी जाजम थी अब वहां पर ग्रामीणों की आवक कम हो गई है। अब प्रत्याशी चुनावी रणनीति व समीकरणों को भूलकर चुनाव उच्चतम न्यायालय के फैसले पर नजरें गड़ाए है।
सोशल मीडिया पर हलचल
सोशल मीडिया पर रसोड़े के फोटो और वीडियो के साथ कई मैसेज वायरल हो रहे है। इसमें सरपंच प्रत्याशियों की चुनाव स्थगन आदेश के बाद हालातों को उजागर कर रहे है। कुछ यूजर लिख रहे चुनावों पर रोक लगी है भंडारों पर नहीं, बेवण दो बिराली।
चौथे चरण के चुनाव होली तक हो जाएंगे, उम्मीदवार मैदान छोडकऱ नहीं भागे, यही जनसेवा का मौका है, केम्प में जनसुनवाई जारी रखें। सर्द ऋतु में सरपंच प्रत्याशियों के रसोड़ों में हलवा, सब्जी व पूड़ी सहित अन्य कई व्यंजन बन रहे है। वही अफीम, डोडा पोस्त व शराब की मनुहार की जा रही है।