
पीपाड़सिटी (जोधपुर) . पंचायतराज की सरपंचाई किसी को रास आई तो किसी को जेल यात्रा करवा दी। गत चुनावों में पंच-सरपंचों के साथ पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य निर्वाचन के लिए शिक्षा की अनिवार्यता के बाद चुनाव लडऩे की योग्यता हासिल करने के लिए बनाए गए शैक्षणिक और संतान संबन्धी दस्तावेज की गड़बड़ी के चलते छह सरपंचों पर कानून का शिकंजा कसने से तीन को जेल यात्रा करनी पड़ी लेकिन निलंबन से बचने में सफल रहे।
इनको जाना पड़ा जेल
पंचायत समिति क्षेत्र के रतकुडिय़ा, खारिया खंगार और सिंधीपुरा सरपंच को पराजित प्रत्याशियों के मुकदमों के कारण जेल तक जाना पड़ा और जमानत पर रिहा होने के बाद पांच वर्ष तक सरपंचाई की। इसके अलावा बोरुंदा सरपंच पर भी शैक्षणिक योग्यता के मामले में पुलिस में मुकदमा के साथ चुनाव याचिका का साया पूरे कार्यकाल में रहा।
मिला तोहफा
पंचायत समिति की 28 पंचायतों के सरपंच पद के पराजित प्रत्याशियों में रामड़ावास कलां की राधा बिश्नोई भाग्यशाली रही, जो पेशे से अधिवक्ता भी हैं। जिनकी चुनाव याचिका पर साढ़े तीन साल में निर्णय होने पर रामड़ावास की निर्वाचित महिला सरपंच को संतान संबन्धी मामले में घर जाना पड़ा और राधा बिश्नोई को अदालत से गांव की सरपंचाई का ताज नसीब हुआ।