
Grand Premiere Of Kangana Ranaut Movie: बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने गुरुवार शाम अपनी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' का ग्रैंड प्रीमियर किया। झालामंड चौराहा स्थित पेन इंडिया मॉल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में फिल्म के प्रेजेंटर-प्रोड्यूसर डॉ. जयंतीलाल गाडा, कलाकारों और बड़ी संख्या में फिल्म प्रेमियों ने भाग लिया। राजस्थान पत्रिका कार्यक्रम का कॉ-प्रजेंटर रहा। फिल्म आज यानी 12 जून को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।
रिलीज से एक दिन पहले आयोजित इस विशेष स्क्रीनिंग के दौरान कंगना रनौत ने प्रदेश के छह उन गुमनाम नायकों को 'बैज ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया, जिन्होंने समाज और राष्ट्र सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। भुवनेश्वर, रायपुर और दिल्ली के बाद जोधपुर में यह प्रीमियर रखा गया था। शुक्रवार को जयपुर में मुख्यमंत्री के साथ शो का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद चण्डीगढ़ में शो होगा।
कार्यक्रम के दौरान कंगना रनौत ने समाज में निस्वार्थ भाव से योगदान देने वाले छह अनकहे नायकों को सम्मानित किया। उन्होंने फीमेल बाउंसर नीतू राजपुरोहित, सुरक्षा गार्ड बुद्धाराम सेन, पैंट्री बॉय बलवंत चौधरी, दो लाख यूनिट से अधिक रक्तदान करवाने वाले ‘लाल बूंद जिंदगी रक्षक’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजत गौड़, जोधपुर में सीपीआर जागरूकता अभियान से जुड़े राजेंद्र तातेड़ और गोताखोर भरत चौधरी को मंच पर आमंत्रित कर बैज पहनाकर सम्मानित किया। प्रीमियर शो में शहर विधायक अतुल भंसाली, जोधपुर पुलिस कमिश्नर शरत कविराज, एसडीएम प्रीतम जाखड़, धवल गाडा सहित कई अतिथि शामिल हुए।
कंगना गुरुवार सुबह फ्लाइट से जोधपुर पहुंची। शाम को उन्होंने मेहरानगढ़ स्थित मां चामुण्डा मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद रातानाडा गणेश मंदिर पहुंचकर गजानन से आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में फिल्म की विषयवस्तु पर भी चर्चा की गई। 'भारत भाग्य विधाता' 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म मुंबई के कामा अस्पताल में घटित वास्तविक घटनाओं को दर्शाती है, जहां डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर 400 मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी। फिल्म आतंकियों या सुरक्षा बलों की बजाय उन अस्पताल कर्मचारियों की बहादुरी और मानवता को केंद्र में रखती है, जिन्होंने संकट की घड़ी में अदम्य साहस का परिचय दिया। फिल्म में कंगना रनौत एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं, जो कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व संभालते हुए मरीजों की सुरक्षा के लिए संघर्ष करती है। अस्पताल के भीतर घटित घटनाओं और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तथा कर्तव्यनिष्ठा को फिल्म में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म में कंगना के साथ गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता थत्ते, रसिका अघासे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। डॉ. जयंतीलाल गाडा (पीईएन स्टूडियोज) की प्रस्तुति में बनी इस फिल्म का निर्माण यूनोइया फिल्म्स एलएलपी और फ्लोटिंग रॉक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से पेन स्टूडियोज, मणिकर्णिका फिल्म्स और परमहंस क्रिएशंस ने किया है। फिल्म को शुक्रवार को पेन मरुधर की ओर से डिस्ट्रीब्यूट किया जा रहा है।
फिल्म में जिस तरह से घटना को पर्दे पर उतारा गया, 2 घंटे तक आप कुर्सी से नहीं हिल सकते।
नितिन
कंगना के साथ अन्य अस्पतलाकर्मियाें के रोल भी आर्टिस्ट ने बेहतरीन निभाए हैं।
रागिनी
फिल्म का दूसरा एक घंटा पूरी तरह अस्पताल में अंधेरे में होता है, जो बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी का उदाहरण है।
राहुल