जोधपुर

जोधपुर के इस परिवार के लिए काल बनकर आया कोरोना, दादी की संक्रमण से मौत के बाद पोते ने लगाई फांसी

कोरोना मरीज मान प्रशासन ने परिवार को अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए, फिर बोले नहीं हुई कोरोना से मौत, मां व गर्भवती पत्नी की आंखों से नहीं रुक रहे आंसू  
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grandmother died of coronavirus, grandson commits suicide in jodhpur
जोधपुर के इस परिवार के लिए काल बनकर आया कोरोना, दादी की संक्रमण से मौत के बाद पोते ने लगाई फांसी

ओम टेलर/जोधपुर. कोरोना का एक परिवार पर काल बनकर टूटा। नई सड़क निवासी मोहम्मद युनुस के परिवार के लिए सात मई की सुबह आफत बन गई। इन्होंने आधे घंटे में ही अपनी मां और बेटे को खो दिया। उस दिन को याद कर आज तक आंसू नहीं रुक रहे।

मोहम्मद युनुसनागौरी तेलियान की 80 वर्षीय मां फेफड़े की बीमारी से पीडि़त थी, सुबह साढ़े छह बजे उनकी मौत की सूचना आई। कोरोना पॉजीटिव भी पाई गई थी। इस घटना के सदमे से परिवार उभरा भी नहीं था कि दादी के गम में युनुस के बेटे फैसल मोहम्मद (25) ने ऊपर कमरे में जाकर फांसी लगा ली। पूरे परिवार यह सुबह कहर बन कर टूटी। प्रशासन ने इसे भी कोरोना पॉजीटिव बता अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन अब आंकड़ों में उसे कोरोना मौतों में नहीं माना जा रहा।

मां-गर्भवती पत्नी की पीड़ा
फैसल की पत्नी शाहीना चार माह की गर्भवती है। मां शमीम बानो उसकी याद में आंसू बहाए जा रही है। परिवार का कहना है कि जब उसे कोरोना पॉजीटिव नहीं मान रहे हैं तो कम से कम तब अंतिम दर्शन तो करवा देते।

फैसल के कंधों पर थी घर की जिम्मेदारी
मृतक फैसल सैनेट्री फिटिंग का काम करता था। उसके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। पिता टेलरिंग का काम करते है लेकिन बीमार रहने के कारण वे ज्यादा काम नहीं कर पाते। ऐसे में परिवार इन दिनों आर्थिक रूप से भी टूटा हुआ है। पूरे परिवार की जिम्मेदारी अब मोहम्मद युनुस के बूढ़े कंधों पर आ गई है।

Updated on:
01 Jun 2020 04:05 pm
Published on:
01 Jun 2020 09:50 am