
जोधपुर. सिख पंथ के संस्थापक गुरुनानक देव का 552वां प्रकाशोत्सव शुक्रवार को जोधपुर सिख समाज की ओर से हर्षोल्लास से मनाया गया। गुरुनानक प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में सूर्यनगरी के सभी गुरुद्वारों में आकर्षक रोशनी व आतिशबाजी की गई। आनंद सिनेमा के पास स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में कोरोना लॉक डाउन के बाद आयोजित मुख्य समारोह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका व खुशहाली-समृद्धि की अरदास की। सुबह व शाम को सजे विशेष दीवान में गंगानगर के भाई मलकीतसिंह व उनके जत्थे ने अपनी मधुर वाणी से 'आनन्द भया वड भागियो... 'कल तारण गुरू नानक आया... आदि शबद कीर्तन तथा गुरुमत विचारों से साध संगत को निहाल किया। सुबह तीन दिवसीय गुरुग्रंथ साहिब अखंड पाठ के समापन के बाद आयोजित सत्संग में बीबी अमरजीत कौर छाबडा ने गुरुनानकदेव के एकता, प्रेम और सद्भाव के संदेश पर आधारित कथा विचार,कीर्तन व सबद गायन किया। ज्ञानी जयपाल सिंह ने सर्वत्र भले की अरदास की। समाज के प्रवक्ता मनमोहनसिंह वालेचा ने बताया कि जलजोग चौराहा स्थित गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा में प्रात: 8 से 9 बजे तक कीर्तन व गुरूमत विचार हुआ। धार्मिक आयोजन में महापौर वनीता सेठ, राज्य सभा सदस्य राजेंद्र गहलोत, विधायक मनीषा पंवार, समाजसेवी जसवंतसिंह कच्छवाहा, प्रो. अयूब खान, राजेंद्र सोलंकी, प्रतिपालसिंह वालेचा, डॉ. राजेंद्र बाहेती, जिला कलक्टर इंद्रजीतसिंह व उनके परिवारजन, पुलिस कमिश्नर जोस मोहन, शहर खतीब मोहम्म्द तैयब अंसारी व अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी महासंघ व अन्य अतिथियों को सेहरा व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। शाम को सजे दीवान के दौरान आतिशबाजी व सभी कार्यक्रम में गुरु का अटूट लंगर वरताया गया। लंगर बनाने व वरताने की सेवा में भाई घन्हैया सेवा समिति व सीताराम नगर के वाशिंदों का विशेष सहयोग रहा।
सिंधी गुरु संगत दरबार .
सरदारपुरा हेमू कालानी चौराहा स्थित गुरुसंगत दरबार में गुरुनानक जयंती धूमधाम से मनाई गई। तीन दिवसीय अखंड पाठ साहिब की पूर्णारती के बाद खुशहाली के लिए अरदास की गई। सेवादार भरत आवतानी ने बताया कि दरबार समीप स्थित सिन्धु भवन में भगवान कलवानी की स्मृति में नवीनीकरण कार्यों का अनावरण किया गया।