
जोधपुर.
विंग कमांडर अभिनंदन के सुरक्षित वापस लौटने पर दोनों देशों में शांति की उम्मीद जगने पर सबसे ज्यादा खुशी थार एक्सप्रेस के यात्रियों को थी। हालांकि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर रिश्तेदारों से मिलने या घूमने आए पाक नागरिकों पर भी पड़ा और उन्हें निर्धारित समय से पहले अपने देश लौटना पड़ा।
भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से शुक्रवार देर रात पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाली थार एक्सप्रेस में सवार पाकिस्तानी नागरिकों ने कहा कि उन्हें अपनी यात्रा बीच में रद्द कर वापस जाने का काफी अफसोस है। इंशाअल्लाह फिर कभी आएंगे। उनका यह भी कहना था कि दोनों देशों के बीच अमन रहना चाहिए। दोनों तरफ रहने वाले आखिर हैं तो एक ही।
जोधपुर में रहने वाले धर्मेंद्र मोतियान ने बताया कि पाकिस्तान में रहने वाले उनके दोस्त मुकेश चिंदयानी कुछ दिन पहले अपने परिवार के साथ थार एक्सप्रेस से जोधपुर थे। वे यहां घूमने आए थे लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव के कारण उन्हें 1 महीने पहले ही पाकिस्तान लौटना पड़ा। उन्हें डर था कि दोनों देशों के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस कहीं बंद ना हो जाए और वे यहीं न फंस जाएं।
पाकिस्तान से आए कामरान ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ जोधपुर में रहने वाले रिश्तेदारों से मिलने आए थे।वो 20 दिन और यहां रहने वाले थे लेकिन इस बीच दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ते ही उनका परिवार भी खौफ में आ गया। लेकिन अब दोनों देशों के बीच शांति का माहौल बनते देख उन्होंने वापस घर लौटने का फैसला किया। उनके अनुसार दोनों देशों में शांति का माहौल बना रहे ताकि दोनों देशों के लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने सके और उन को मिलाने वाली थार एक्सप्रेस बंद ना हो जाए।
आतंकियों ने ही किया पुलवामा हमला
कामरान के अनुसार पुलवामा में बीएसएफ जवानों पर हमला हुआ तो पाकिस्तान में रहने वाले लोगों को पता था कि आतंकवादियों ने करवाया है। वहां की जनता भी जानती है कि भारत पर हमले आतंकवादी ही करवाते हैं। दोनों देशों के बीच तनाव का कारण दहशतगर्दी फैलाने वाले आतंकवादी ही हैं।
तनाव के माहौल में दोनों देशों के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं लेकिन दोनों देशों के लोगों में आज भी रिश्तेदारी और दोस्ती है। दोनों देशों की जनता अमन चाहती है