
जोधपुर।
वैश्विक कोरोना महामारी, कंटेनरों की कमी, कच्चे माल के भाव में उछाल के साथ यूरोपीय देशों के नियम जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग में बाधा बन रहे है। निर्यातकों द्वारा लकड़ी के उत्पादों के यूरोपीय देशों में भेजे गए कंटेनरों को वहां के कस्टम्स विभाग द्वारा लकड़ी की टेस्टिबिलिटी जांच करने के लिए रोका जा रहा है । कई निर्यातकों के कंटेनर में मौजूद लकड़ी के आइटम के लिए लकड़ी की वैधता का सर्टिफि केट भी मांगा जा रहा है । जोधपुर से पिछले 50 दिनो में भेजे गए लकड़ी के हैण्डीक्राफ्टस के 100 कंटेनरों को फ्रांस, जर्मनी, नीदरलेण्ड, स्पेन, आस्ट्रिया आदि देशों में रोका गया है । इस प्रकार की सबसे अधिक जांच फ्रांस में की जा रही है । यूरोप में कोरोना की दूसरी लहर के असर से कई देशों में अभी भी लॉकडाउन है। इससे जोधपुर के निर्यात ऑर्डर में कुछ कमी आई है । ऐसे में कंटेनरों के पोर्ट पर अटक जाने से निर्यातकों पर दोहरी मार पड रही है ।
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यूरोप में नया कानून लागू
यूरोपीयन टिम्बर यूनियन रेगुलराइजेशन नामक कानून यूरोप में लागू कर दिया गया है । इस कानून के तहत यूरोप में आयात होने वाले लकड़ी के उत्पाद को लकड़ी की वैधता का चैनल डॉक्यूमेंट्स देने की अनिवार्यता कर दी गई है । इस कानून का मुख्य उद्देश्य जंगल से लकड़ी की अवैध कटाई पर रोक लगाना है ।
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यूरोप में रोके गए कंटेनर्स को एसोसिएशन ने हस्तक्षेप कर छुड़ाया था। एसोसिएशन की ओर से निर्यातकों को लकड़ी खरीद के चैनल डॉक्यूमेंट प्रोपर मेंटेन करने की सलाह दी गई है ।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिशन