
जोधपुर।
नगर में विकास करवाने के लिए नगरीय जनता से ही पैसा लेना है। जोधपुर नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों से ही 150 करोड़ से अधिक की राशि पेंडिंग है। राज्य सरकार ने वसूली बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया है, लेकिन उसमें भी निगम उत्तर और दक्षिण मिलकर अधिकतम 25 से 30 करोड़ ही वसूल कर पाएंगे। क्योंकि अब तक दक्षिण निगम ही महज 9 करोड़ वसूल पाया है, जबकि उत्तर ने तो अब अभियान शुरू ही किया है।
क्षेत्र और भूखंड आधार पर निर्भर है यूडी टैक्स
यूडी टैक्स की गणना उस क्षेत्र की डीएलसी दर और भूखंड के आकार पर निर्भर है। व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तो सख्ती है ही साथ ही रहवासीय बड़े आकार के भूखंडों पर भी यह लागू होता है। लेकिन जोधपुर में रहवासीय मकानों ने तो यूडी टैक्स आज तक भरा ही नहीं, जबकि यह वार्षिक है।
फैक्ट फाइल
- 150 करोड़ से अधिक का यूडी टैक्स पूरे शहर में बकाया होने का अनुमान
- 70 करोड़ अकेले उत्तर निगम में बकाया है।
- 9 करोड़ से कुछ अधिक दक्षिण निगम ने अब तक यूडी टैक्स की वसूली की है।
- आगामी 45 दिन और चलेगा अभियान
- 25 करोड़ तक की वसूल कर पाएंगे दोनों निगम
... और यहां सख्ती भी
नगर निगम उत्तर ने शनिवार को 2 प्रतिष्ठानों को सीज किया है। नई सडक़ ओबीसीटी स्कीम एवं त्रिपोलिया मार्केट में करीब 200 नोटिस जारी किए गए हैं। 2 करोड़ रुपए से अधिक का यूडी टैक्स बकाया है। शनिवार को ओबीसीटी स्कीम नई सडक़ की दुकान संख्या 38, लोकुमल एंड संस और दुकान संख्या 127-128 हासवानी आट्र्स को सीज किया गया। इससे पहले दक्षिण निगम ने 3 प्रतिष्ठान सीज किए थे।
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लोगों की आदत में नहीं
जोधपुर में मकान मालिकों को यूडी टैक्स जमा करवाने की आदत ही नहीं, अकेले शास्त्री नगर क्षेत्र का आठ करोड़ का बकाया है। सख्ती कर रहे हैं और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सीज कर रहे हैं।
- डॉ. अमित यादव, आयुक्त, दक्षिण नगर निगम।
शुरू किया है अभियान
उत्तर निगम में अभियान को शुरू किया है और सख्ती कर रहे हैं। करीब 70 करोड़ का बकाया है, अभियान अवधि में अधिक से अधिक राशि वसूली का प्रयास कर रहे हैं।
- रोहिताश्व तोमर, आयुक्त, उत्तर नगर निगम।