
जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को एमडीएस यूनिवर्सिटीए अजमेर के कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई 27 मार्च तक टाल दी।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग और न्यायाधीश पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की खंडपीठ ने बुधवार को याची के अधिवक्ता अनिरुद्ध पुरोहित को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा कुलपति डॉ. सिंह के खिलाफ दिए गए फैसले का विश्लेषण करते हुए आरोपों का तथ्यवार ब्यौरा देने को कहा है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कुलपति के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का विश्लेषण कर आरोपों का तथ्यवार विवरण पेश करने को कहा है।
याचिकाकर्ता लक्ष्मीनाराण बैरवा ने एक जनहित याचिका दायर कर जेएनवीयू के 1962 व एमडीएस यूनिवर्सिटी के 1986 के मूल एक्ट में कुलपति के चयन संबंधी प्रावधानों को संशोधित किए जाने को चुनौती दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने 11 अक्टूबर, 2018 को एमडीएस यूनिवर्सिटी के नव नियुक्त कुलपति डॉ. आरपी सिंह को ड्यूटी संपादित करने से रोक दिया था।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग और न्यायाधीश पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की खंडपीठ ने बुधवार को याची के अधिवक्ता अनिरुद्ध पुरोहित को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा कुलपति डॉ. सिंह के खिलाफ दिए गए फैसले का विश्लेषण करते हुए आरोपों का तथ्यवार ब्यौरा देने को कहा है।