जोधपुर

विधानसभा में उठा आयुर्वेद विवि का मामला, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

शर्मा ने कहा कि यह विधेयक कुलाधिपति के 14 अगस्त एवं 16 अक्टूबर, 2018 के निर्देश और यूजीसी के नियमों की पालना करने एवं जांच के दौरान गबन एवं अनियमितताओं को रोकने के लिए लाया गया है।
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health minister raghu sharma attacks BJP in rajasthan vidhan sabha
विधानसभा में उठा आयुर्वेद विवि का मामला, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

जयपुर/जोधपुर. चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना किसी प्रावधान आपने विश्वविद्यालय के कुलपतियों को इस्तीफे के लिए मजबूर किया। ऐसा करना हमारी फितरत नहीं। शर्मा ने सदन में डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर (संशोधन) विधेयक, 2020 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही। उन्होंने बृज विश्वविद्यालय और मत्स्य विश्वविद्यालय के उदाहरण भी दिए।

इसके बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक के जरिए 2002 के कानून की धारा 24 में कुलपति के लिए अनुभव और समय से पूर्व उसे हटाए जाने के प्रावधान किए गए हैं। संशोधित अधिनियम के अनुसार अब किसी विवि या महाविद्यालय में आचार्य के पद पर दस वर्ष का अनुभव रखने वाला या समकक्ष पद पर दस वर्ष का अनुभव रखने वाला व्यक्ति ही विवि का कुलपति बन सकेगा। राज्यपाल सरकार के परामर्श से कुलपति को कार्यकाल की समाप्ति से पहले आवश्यक होने पर हटा सकेंगे। जांच पूरी होने तक कुलपति को निलंबित भी किया जा सकेगा।

शर्मा ने कहा कि यह विधेयक कुलाधिपति के 14 अगस्त एवं 16 अक्टूबर, 2018 के निर्देश और यूजीसी के नियमों की पालना करने एवं जांच के दौरान गबन एवं अनियमितताओं को रोकने के लिए लाया गया है। इससे पहले, चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जबसे हम अपने-अपने आदमियों को कुलपति बनाने लगे, तब से ही यह समस्या आई है। ऐसे आदमी कुछ जेल चले गए, कुछ जाने की तैयारी में है। सरकारी राय के आधार पर कुलपति को हटाना विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर हमला है।

Published on:
18 Feb 2020 04:50 pm