
जोधपुर.
देशद्रोह के आरोपी इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) के संदिग्ध आतंकियों को शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश (4) उपेंद्र शर्मा की अदालत में पेश किया गया। मामले के गवाह प्रतापनगर के तत्कालीन सीआइ विद्याधर डूडी और दिल्ली क्राइम ब्रांच के अधिकारी देवेंद्र मलिक न्यायालय में उपस्थित हो गए थे, लेकिन मालखाने से रोजनामचा तथा अन्य दस्तावेज नहीं आने के चलते सुनवाई नही हो पाई।
सरकार की ओर से नियुक्त उपनिदेशक अभियोजक सुशील शर्मा और भवानीसिंह भाटी ने बताया कि
मामले की अगली सुनवाई 19 सितम्बर को होगी।
उस दिन मुख्य गवाह देवेंद्र मलिक को फि र से बुलाया गया है। गौरतलब है कि 23 मार्च 2014 को एटीएस ने आतंकी गतिविधियों एवं विस्फ ोट की योजना बनाने वाले इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकियों को जोधपुर, दिल्ली तथा अन्य स्थानों से गिरफ्तार किया था।
इससे पूर्व सुबह 11.45 बजे दिल्ली की तिहाड़ जेल से कड़ी सुरक्षा में लाए गए आइएम के दो और जोधपुर जेल में बंद सात अन्य आतंकियों को पेश करने के दौरान बड़ी संख्या में उनके रिश्तेदार इक_े होने से न्यायालय में अफ रा तफ री उत्पन्न हो गई।
आतंकियों पर लगे हैं देशद्रोह के आरोप
आइएम के इन संदिग्ध आरोपियों पर विस्फ ोटक पदार्थ अधिनियम, भारत सरकार के खिलाफ षडय़ंत्र, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध करने की स्थिति पैदा करने और आइपीसी की धारा 121, 121ए, 122, 120 बी के तहत आरोपित किया गया। इनमें अपराध साबित होने पर आजीवन कारावास से लेकर फ ांसी तक की सजा का प्रावधान है। गौरतलब है कि जोधपुर मे आंतकियों ने शहर के कई युवकों को आइएम के लिए चुना फिर उन्हें आंतकियों की ट्रेनिंग भी दी थी। इसके बाद शहर में रहने वाले इन आंतकियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी जमा किया था। जिनका जोधपुर-बाड़मेर रोड पर परीक्षण भी किया गया था। इसके बाद शहर में कई जगहों पर हमले की तैयारी थी लेकिन उसे पहले एटीएस की टीम ने इन्हें पकड़ लिया था। आरोपियों ने पूछताछ में कई बड़े आंतकियों से संपर्क में रहते हुए हमले करने की तैयारी करने का खुलासा किया था।