
जोधपुर. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले के म²ेनजर जोधपुर पुलिस कमिश्ररेट क्षेत्र के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आसूचना अधिकारियों को फैसले से पहले और बाद की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आला अधिकारी रोजाना की रिपोर्ट ले रहे हैं। सोशल मीडिया की हर संदिग्ध गतिविधि पुलिस की निगरानी में है।सुप्रीम कोर्ट अयोध्या जन्मभूमि विवाद मामले में इसी माह फैसला सुना सकता है।
फैसले के बाद के संभावित माहौल के अनुरूप अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि शांति व कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़े। इसके म²ेनजर संवेदनशील क्षेत्र में निरन्तर गश्त व निगरानी के आदेश दिए गए हैं। धार्मिक स्थान व विवाद वाली जगहों पर भी विशेष चौकसी रखी जा रही है। थाना स्तर पर भी बीट व मोहल्ला स्तरीय शांति समिति व सीएलजी सदस्यों के साथ समन्वय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 1992 के तनावग्रस्त क्षेत्रों पर नजर
अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद सन 1992 में जोधपुर के कई क्षेत्रों में हिंसा की वारदातें हुई थी। तनावपूर्ण माहौल के बाद शहर में पहली बार कफ्र्यू लगाने की नौबत भी आ गई थी, लेकिन जल्द ही हालात काबू में आ गए थे। लगभग ढाई दशक पहले की इन वारदातों से सबक लेते हुए पुलिस इस बार पहले से सतर्क हो गई है।
सोशल मीडिया पर नजर, बदमाशों का चिह्निकरण
अफवाह फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर खास निगरानी रखी जा रही है। आपसी सौहाद्र्र बिगाडऩे व अफवाहें फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बदमाश प्रवृत्ति के लोगों को चिह्नित कर पाबंद किया जा रहा है।
इनका कहना है
फैसले को लेकर सामान्य सतर्कता बढ़ाई गई है। सभी थाना क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है।
प्रफुल्ल कुमार, पुलिस कमिश्नर जोधपुर