
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कोरोना काल में मोटर दुर्घटना पीडि़तों को राहत देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तीन मामलों में राजीनामा स्वीकार किया है।
श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिवक्ता विशाल सिंघल ने बताया कि कोरोना काल और लॉकडॉउन के चलते जहां लोगों की आजीविका की समस्या खड़ी है, ऐसे में कंपनी ने जरूरतमंद लोगों तक आर्थिक मदद समय पर पहुंचाने के लिए क्लेमेंट अधिवक्ता से संपर्क किया और उनको हाईकोर्ट में लंबित अपील राजीनामें से निपटाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि जरूरतमंद लोगों तक जरूरी पैसा सही समय पर पहुंच जाए। क्लेमेंट अधिवक्ता ने अपने क्लाइंट की इजाजत से स्वीकार कर लिया और लोक अदालत की भावना से न्यायालय में अपील निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्र पेश की गई।
अधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत करवाया कि कोरोना महामारी के कारण जहां नागरिक आर्थिक रूप से कष्ट में हैं, ऐसे में यदि इंशोरेंस कंपनी द्वारा मामले का निस्तारण शीघ्र करवा दिया जाए तो अपीलार्थी को ज़रूरत के समय इस राशि से आर्थिक सहायता भी मिल जाएगी। मोटर दुर्घटना से सम्बंधित अपीलों में अपीलार्थी की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मनीष कुमार पितलिया एवं अनुज सहलोत से वीडियो कॉन्फ्ऱेंसिंग के ज़रिये अपील प्रकरण को समझौते के माध्यम से निस्तारण करने की पेशकश की, जिसमें दोनों पक्षों द्वारा पूर्व में प्रदान की गई राशि के अतिरिक्त तीन अलग अलग प्रकरणों में क्रमश: रू 5.50 लाख , रू 2.00 लाख और रु 1.20 लाख का भुगतान श्रीराम जनरल इंशोरेंस कंपनी द्वारा क्लेमेंट को दिए जाने की सहमति बनी।