जोधपुर

हनुमानगढ़ जंक्शन पर निर्माणाधीन आरओबी पर रोड सेफ्टी के प्रावधान के अनुरूप फ्लाइओवर बनाने के निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ जंक्शन पर लेवल क्रॉसिंग सी-66 पर निर्माणाधीन आरओबी व एक अन्य फ्लाइओवर के हवा में ही इंटरसेक्शन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए परियोजना को अमली जामा पहनाने में रोड सेफ्टी के प्रावधानों को ध्यान में रखे जाने के निर्देश दिए हैं।
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high court order for road safety on ROB at hanumangarh junction
हनुमानगढ़ जंक्शन पर निर्माणाधीन आरओबी पर रोड सेफ्टी के प्रावधान के अनुरूप फ्लाइओवर बनाने के निर्देश

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ जंक्शन पर लेवल क्रॉसिंग सी-66 पर निर्माणाधीन आरओबी व एक अन्य फ्लाइओवर के हवा में ही इंटरसेक्शन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए परियोजना को अमली जामा पहनाने में रोड सेफ्टी के प्रावधानों को ध्यान में रखे जाने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश डॉ.पुष्पेंद्रसिंह भाटी की खंडपीठ में नेशनल हाईवे ऑथोरिटी की विशेषज्ञ कमेटी की ओर से एक रिपोर्ट पेश की गई। इसे लेकर अतिरिक्त महाधिवक्ता करणसिंह राजपुरोहित ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि निर्माण एजेंसी हाईवे ऑथोरिटी के सुझावों पर अमल करते हुए निर्माण करेगी। उल्लेखनीय है कि इस इंटरसेक्शन को चुनौती देते हुए कहा गया था कि यह दुर्घटना का कारण बनेग और इससे यातायात प्रभावित होगा।

जांच अधिकारी तलब, गिरफ्तारी पर रोक
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में अनुसंधान अधिकारी को तलब करते हुए याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। 5 जून, 2019 को रात्रि को याचिकाकर्ता राजेंद्रसिंह ने स्थानीय निवासियों के साथ कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 4 में सिपाही गोविंदसिंह के प्लॉट पर पुलिस की मौजूदगी में अनाधिकृत तरीके से लगाए जा रहे मोबाइल टावर का विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल सीताराम और रामनिवास याची को जबरन थाने ले गए और उसके साथ मारपीट की। इसके विरोध में स्थानीय निवासियों ने थाने का घेराव कर लिया। पुलिस ने याची को धारा 151 में गिरफ्तार किया था।

विरोध होने पर पुलिस उपायुक्त ने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइनहाजिर कर दिया। इसके बावजूद पुलिस ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस्तगासा दायर करने पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया तो पुलिस ने पहले सीताराम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया, बाद में याची की रिपोर्ट की दर्ज की गई। याची के अधिवक्ता सारस्वत ने बहस करते हुए तर्क दिया कि याची की रिपोर्ट पर तो कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, बल्कि सीताराम की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस याची को गिरफ्तार करना चाहती है। सुनवाई के बाद न्यायाधीश संदीप मेहता ने अनुसंधान अधिकारी को तलब करते हुए याची की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

Published on:
04 Feb 2020 04:08 pm