
जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने पाली जिले की रानी पंचायत समिति के विकास अधिकारी की ओर से रानी कलां सरपंच संतोष पर प्रशासनिक और वित्तीय कार्य करने पर लगाई गई रोक के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही पंचायती राज विभाग और बीडीओ को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता की ओर से सुशील सोलंकी ने कहा कि याची के खिलाफ किसी झूठी शिकायत के मद्देनजर एसीबी की ओर से दर्ज कराई एफआइआर पर अनुसंधान जारी है।
इस दौरान रानी पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने गत 13 नवंबर को आदेश जारी कर सरपंच के वित्तीय व प्रशासनिक कार्य करने पर रोक लगा दी।
उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को विभाग की राजस्थान पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 38 के तहत निलंबित नहीं किया गया है, लेकिन विकास अधिकारी ने उसके समान आदेश जारी कर अपने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन किया है।
जबकि विकास अधिकारी को सरपंच को निलंबित करने का अधिकार नहीं है।