जोधपुर

मारवाड़ की जनता ने 7 दशक में 17 बार जताया है नेताओं पर ‘ताबड़तोड़’ विश्वास

- मारवाड़ की 5 सीटों पर 17 बार आए ऐसे मौके जब जीतने वाले को मिले 60 प्रतिशत से ज्यादा वोट - एक तरफ़ा जीतने में कई दिग्गज तो कई बार केंद्र की लहर भी डालती रही है असर  
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Apr 03, 2019
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मारवाड़ की जनता ने 7 दशक में 17 बार जताया है नेताओं पर ‘ताबड़तोड़’ विश्वास

जोधपुर.
लोकसभा चुनाव इन दिनों मुद्दों पर नहीं बल्कि लहर और मार्केटिंग स्ट्रेटजी बना कर लड़े जा रहे हैं। केन्द्र से लेकर राज्य सरकार की लहर के साथ व्यक्ति विशेष की ब्रांड इमेज भी चुनाव में प्रचारित की जाती है। लेकिन ‘लहर’ के बूते चुनाव लडऩे का सिलसिला पिछले कुछ सालों का नहीं बल्कि पिछले सात दशक से चला आ रहा है। मारवाड़ की पांच लोकसभा सीटों पर पहले भी कई बार जनता ने नेताओं पर विश्वास ऐसा दिखाया कि 60 प्रतिशत से वोट जीतने वाले प्रत्याशी ले गए।

1951 के पहले आम चुनाव से लेकर 2014 के पिछले लोकसभा चुनाव तक व्यक्ति विशेष व पार्टी लहर परिणाम के आंकड़ों में स्पष्ट देखने को मिलती है। सर्वाधिक वोट प्रतिशत अपने नाम कर जीत का जो रिकॉर्ड पहले आम चुनाव में बना, वह आज तक कायम है। 7 दशक में पांच सीटों पर हुए 80 से ज्यादा मतदान संघर्ष में 30 बार से ज्यादा ऐसे मौके आए, जब जीतने वाले प्रत्याशी को 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिले।
टॉप तीन वोट प्रतिशत लेकर जीतने वाले प्रत्याशी

- 1951 में जोधपुर सीट से पूर्व राजपरिवार सदस्य हनवंतसिंह सर्वाधिक 78.62 प्रतिशत वोट लेकर जीते थे।
- 1984 में जालोर सीट से बूटासिंह 66.46 प्रतिशत वोट लेकर जीते थे।

- 2014 में जोधपुर सीट से गजेन्द्रसिंह शेखावत 66.08 प्रतिशत वोट लेकर जीते।

ये भी हैं 60 प्रतिशत से अधिक वोट लेकर लहर में जीतने वाले

जोधपुर
- 1984 में जोधपुर से अशोक गहलोत ने 61.16 प्रतिशत वोट लिए थे।

नागौर

- 1957 में नागौर से मथुरादास माथुर ने 64.79 प्रतिशत वोट लिए थे।
- 1989 में ही नागौर से नाथुराम मिर्धा ने 63.27 प्रतिशत वोट अपने नाम किए।

- 1971 में नागौर से नाथुराम मिर्धा को 60.48 प्रतिशत वोट मिले।

पाली
- 2014 में पाली सीट से पी.पी चौधरी ने 64.87 प्रतिशत वोट लिए।

- 1989 में पाली से गुमानमल लोढ़ा ने 63.62 प्रतिशत वोट लिए थे।
- 1951 में ही पाली-सिरोही से अजीतसिंह ने 62.71 प्रतिशत वोट लिए।

- 1977 में पाली में अमृत नाहटा ने 61.83 प्रतिशत वोट लिए।

जालोर
- 1980 में जालोर से विरदाराम ने 65.27 प्रतिशत वोट लिए थे।

बाड़मेर

- 1977 में बाड़मेर से तनसिंह ने 61.10 प्रतिशत वोट लिए थे।
- 1951 के पहले चुनाव में बाड़मेर से भवानीसिंह ने 62.71 प्रतिशत वोट लिए।

- 1989 में बाड़मेर से कल्याणसिंह कालवी ने 61.26 प्रतिशत वोट लिए।
- 1957 में बाड़मेर से रघुनाथ सिंह को 60.54 प्रतिशत वोट मिले थे।

- 2004 में बाड़मेर से मानवेन्द्रसिंह को 60.2 प्रतिशत वोट मिले।

Updated on:
03 Apr 2019 07:50 pm
Published on:
03 Apr 2019 07:50 pm