
जोधपुर. कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका के चलते होम आइसोलेट करने के बावजूद चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 9 में मोहल्ले में घूमने वाले युवक के खिलाफ शुक्रवार को देवनगर थाने में एफआइआर दर्ज की गई। उधर, मथुरादास माथुर अस्पताल से गुपचुप निकलने वाली युवती के खिलाफ भी शास्त्रीनगर थाने में मामला दर्ज कराया गया।
देवनगर थानाधिकारी सोमकरण के अनुसार चौहाबो सेक्टर नौ निवासी शंकर पुत्र राणाराम माली व परिवार के नौ सदस्यों को गत 25 मार्च को कोरोना का संदिग्ध मानकर होम आइसोलेट किया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने घर पर नोटिस भी चस्पां किया था। सभी को घरों में रहने के लिए पाबंद किया गया था, लेकिन शाम को शंकर घर के बाहर घूमने लगा। इस संबंध में शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां शंकर घर के बाहर खुले में घूमता मिल गया।
इस संबंध में कारण पूछने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर थानाधिकारी की तरफ से उसके खिलाफ कोविड-19 के प्रावधानों व एडवाजरी का उल्लंघन, घूमने-फिरने से संक्रमण फैलने की पूर्ण आशंका के चलते एफआइआर दर्ज की गई है। थानाधिकारी का कहना है कि उसके खिलाफ जांच शुरू की गई है।
युवती के खिलाफ भी एफआइआर, जांच में नेगेटिव मिली
शास्त्रीनगर थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह के अनुसार प्रकरण में एमडीएम अस्पताल के सहायक आचार्य और कोविड-19 के सीएमओ डॉ विजय वर्मा ने पाल रोड पर पासपोर्ट कार्यालय के सामने रहने वाली एक युवती के खिलाफ लोक सेवक के विधि पूर्ण आदेश की अवहेलना और संक्रामण बीमारी को फैलाने संबंधी उपेक्षापूर्ण आचरण करने का मामला दर्ज कराया। जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस की संदिग्ध के रूप में युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी जांच की गईं थी। इस दौरान गुरुवार देर शाम वह जांच कराने के बहाने सुरक्षाकर्मी का चकमा देकर वार्ड से बाहर निकल गई थी। मरीज को गायब पाकर चिकित्सा कर्मचारियों ने तलाश की। फिर पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस उसके घर पहुंची तो वह मिल गई थी। जिसे बाद में एमडीएम अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया था।