
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में प्रख्यात गांधीवादी एवं स्वतंत्रता सेनानी एसएन सुब्बा राव, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के जज एवं भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस दलवीर भंडारी और प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. गोवर्धन मेहता को मानद डॉक्टरेट उपाधि प्रदान करने का निर्णय किया गया है। करीब डेढ़ साल बाद हुई सीनेट बैठक में लंबे समय बाद प्रख्यात लोगों को मानव डॉक्टरेट देने का निर्णय किया गया है।
सीनेट बैठक में वर्ष 2019 में उत्तीर्ण विश्वविद्यालय के 49 हजार 194 विद्यार्थी और लाचू कॉलेज के 939 विद्यार्थियों की डिग्रियां अनुमोदित की गई। इसमें 132 डिप्लोमा, 6750 स्नातकोत्तर, 42174 स्नातक एवं 138 पीएचडी की डिग्रियां है। विश्वविद्यालय सीनेट में प्रथम बार ऑफलाइन 26 सदस्यों के साथ-साथ ऑनलाइन रुप से 8 सदस्यों ने भी भाग लिया। कुलपति प्रो पीसी त्रिवेदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दिवंगत पूर्व कुलपति नसीम भाटिया, एलएस राठौड़, प्रो राधेश्याम शर्मा और पूर्व सीनेट सदस्य जैताराम विश्नोई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही 24 नए सदस्यों का स्वागत किया गया। सीनेट विश्वविद्यालय की उच्च निर्णयकारी संस्था है। इसमें सभी सिंडिकेट सदस्य, संकाय डीन और विभागाध्यक्ष सहि अन्य मानद सदस्य शामिल हुए। वर्तमान सीनेट में बाहरी सदस्यों में विधायक दिव्या मदेरणा, प्रो. अजित कुमार पाण्डेय और प्रो एस एस सारंगदेव को शामिल किया गया है।
दीक्षांत समारोह के लिए सरकार की हरी झंडी का इंतजार
जेएनवीयू की एक माह में एकेडमिक काउंसिल, सिंडीकेट और सीनेट की बैठकें आयोजित हुई है। बैठकों में विवि में जल्द से जल्द दीक्षांत समारोह आयोजित करने की बात कही गई। विवि प्रशासन ने समारोह की समस्त औपचारिकताएं पूरी कर ली है। अब राजभवन और सरकार की तरफ से तारीख निश्चित होते ही मार्च में दीक्षांत की घोषणा की जाएगी।