Sadhvi Prem Baisa Death Case: जोधपुर की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं होने के बाद जांच एजेंसियों की नजर अब एफएसएल विसरा रिपोर्ट पर टिकी है।
Sadhvi Prem Baisa Case Update जोधपुर। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है। इस बीच पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की शुरुआती जांच में साध्वी प्रेम बाईसा को जहर दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद सुरक्षित किया गया विसरा सोमवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) जांच के लिए भेज दिया गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टमार्टम जांच की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा के शरीर पर ऐसे कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं, जिनसे यह प्रतीत हो कि उन्हें जहर दिया गया था। आमतौर पर जहर देने के बाद ऑक्सीजन की कमी होने पर होंठ और नाखून नीले या बैंगनी पड़ सकते हैं, लेकिन साध्वी के शरीर पर इस तरह के कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं।
साध्वी प्रेम बाईसा के पिता बीरमनाथ के मुताबिक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उन्हें उल्टी जैसी कोई परेशानी नहीं हुई थी, लेकिन लगातार छींकें आने लगी थीं। छींक आने के कुछ समय बाद ही उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। उन्होंने बताया कि निधन के बाद प्रेम बाईसा के नाखून नीले पड़ गए थे, हालांकि शरीर पर किसी अन्य प्रकार का असामान्य बदलाव उन्हें नजर नहीं आया।
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वहीं इंजेक्शन लगाने वाले नर्सिंग कर्मी देवीसिंह राजपुरोहित का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर के निर्देशानुसार वही दवाएं दी थीं, जो पहले भी साध्वी को दी जा चुकी थीं और तब कभी कोई परेशानी नहीं हुई थी। उनके अनुसार 28 जनवरी को स्टेरॉयड डेक्सोना और दर्द निवारक डायनपार का इंजेक्शन लगाया गया था। करीब 20 मिनट बाद सूचना मिली कि साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। मौत के वास्तविक कारण का खुलासा एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल पुलिस, एसआईटी और एफएसएल की पूरी नजर विसरा जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।