जोधपुर

HYDROGEL —‘हाइड्रोजेल’ धोरों में कम पानी में भी उगाएगा फसल

- कृषि विश्वविद्यालय और भाभा आणविक अनुसंधान केंद्र मिलकर कर रहे रिसर्च - पानी की समस्या से जूझ रहे पश्चिमी राजस्थान की खेती में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
less than 1 minute read
Apr 10, 2023
HYDROGEL ---'हाइड्रोजेल' धोरों में कम पानी में भी उगाएगा फसल
HYDROGEL ---'हाइड्रोजेल' धोरों में कम पानी में भी उगाएगा फसल

जोधपुर।
जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय और भाभा आणविक अनुसंधान संस्थान (बार्क) मुंबई की ओर से किए जा रहे शोध से प्रदेश में विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में कम पानी में खेती संभव होगी। विश्वविद्यालय में बार्क की ओर से उत्पादित हाइड्रोजेल उत्पाद से पश्चिमी राजस्थान में कम पानी से फसलों के उत्पादन पर काम किया जा रहा है। हाइड्रोजेल भूमि में पानी को सोखकर पौधों को उपलब्ध कराता है। यह अपने वजन से 400 गुना अधिक पानी को रोककर रखता है। विवि ने गेहूं, जीरा, ईसबगोल व सरसों के साथ सब्जियों में टमाटर पर प्रयोग किया है, जिनके सकारात्मक परिणाम आए है। यह प्रयोग प राजस्थान में कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, क्योंकि इस क्षेत्र में किसानों को खेती में पानी की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और कई बार पर्याप्त पानी के अभाव में फसलें बर्बाद हुई है।

---
रेडिएशन टेक्नोलाॅजी पर भी रिसर्च

विश्वविद्यालय और बार्क रेडिएशन टेक्नोलॉजी से गेहूं, सरसों, जीरा , ईसबगोल की नई किस्में विकसित करने पर कार्य कर रहे है। जो अन्य तरीकों से विकसित किस्मों से ज्यादा कारगर होगी। इस तकनीकी से इन फसलों में कटाई के बाद होने वाले नुकसान रोकने पर भी काम किया जाएगा।
--
बार्क के साथ एमओयू करने वाला प्रदेश का पहला विवि
जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय व बार्क के बीच 5 वर्षीय करार के तहत कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान किए जा रहे है। यह अनुसंधान पश्चिमी राजस्थान की कृषि के लिए काफी उपयोगी होंगे। बार्क के साथ एमओयू करने वाला जोधपुर प्रदेश का पहला कृषि विश्वविद्यालय है।
---

विवि व बार्क मिलकर विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे है। जिनमें अब तक सकारात्मक परिणाम आए है।
इन अनुसंधानों से कृषि में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे व क्षेत्र के किसानों को फायदा मिलेगा।

प्रो बीआर चौधरी, कुलपति
कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर
-----

Published on:
10 Apr 2023 09:59 pm