
जोधपुर।
रोडवेज बस चालकों को अब शराब पीकर बस चलाना भारी पड़ेगा। बस चलाने के दौरान रोडवेज बस चालक नशे में पाए गए, तो विभाग की ओर से सख्त कार्यवाही की जाएगी। सड़क दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना है। परिवहन विभाग इसको लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। अभी तक रोडवेज के चालकों की जांच गाड़ी चलाने से पहले होती थी। अब रास्ते में भी ब्रेथ एनालाइजर से देखा जाएगा कि कहीं उन्होंने शराब तो नहीं पी है। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए परिवहन अधिकारियों को उपकरण उपलब्ध कर दिए गए हैं।
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80 बसें, इसमें 12 अनुबंध पर
जोधपुर रोडवेज डिपो से 80 बसों का संचालन होता है। इसमें 68 बसें परिवहन विभाग की हैं, बाकी 12 बसें अनुबंधित हैं। इसका संचालन जयपुर, अजमेर, ब्यावर, बाड़मेर-जैसलमेर, बीकानेर, उदयपु, कोटा, दिल्ली, सहित अन्य रूट पर होता है।
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उपलब्ध कराया ब्रेथ एनालाइजर
रोडवेज डिपो के अधिकारी को ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध कराया गया है। चेकिंग के दौरान रोडवेज चालकों के मुंह में यह उपकरण लगाया जाएगा। इससे पता चलेगा कि चालक ने शराब पी है या नहीं। अगर चालक के शराब पी हुई होगी, तो उसकी जगह पर दूसरा चालक भेजा जाएगा। वहीं, शराब पीकर बस चलाता पाया जाएगा तो अधिकारी तत्काल बस के चालक को हटाकर दूसरे चालक के माध्यम से रोडवेज बस को आगे रवाना किया जाएगा।
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हादसों पर अंकुश के लिए पहल
रोडवेज बसों के चालक के शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला अक्सर आता रहा है।इस वजह से कई बार हादसे भी हुए है। कुछ समय पहले कराए गए सर्वे में यह सामने आया है कि रोडवेज बसों का सफर सुरक्षित न महसूस करते हुए यात्री इससे मुंह मोड़ रहे हैं, इससे निजी बसों को बढ़ावा मिल रहा है। इसे देखते हुए मुख्यालय स्तर पर हादसे की घटनाओं पर अंकुश लगाकर यात्रियों को सुरक्षित सफर के लिए पहल की गई है।
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शराब पीकर रोडवेज बस चलाना गंभीर है। विभाग की ओर से कार्यवाही की जाती है। पूर्व में ऐसी िस्थति होने पर चालकों को हटाकर दूसरे चालकों को भेजा गया है।
उम्मेदसिंह, मुख्य प्रबंधक
रोडवेज डिपो, जोधपुर