
जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Jodhpur) जोधपुर ने एडवांस फोटोकेटालाइटिक ऑक्सीडेशन कनवेयर सिस्टम तैयार किया है जो छाया क्षेत्र (शेडो रीजन) में भी बैक्टीरिया- वायरस मारेगा। कोविड-19 वायरस के लिए भी यह उपयोगी है। एम्स जोधपुर और जयपुर स्थित बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ साइंटिफिक रिसर्च में सफल परीक्षण के बाद बुधवार को आइआइटी जोधपुर ने नोएडा की पोट्रे ऑटोमेशन कंपनी के साथ वाणिज्यिक उत्पादन के लिए करार किया है।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, बड़े मॉल सहित बड़ी कंपनियों में लगे कन्वेयर सिस्टम पराबैंगनी विकिरण (यूवी) आधारित होते हैं। यूवी विकिरणें सीधी दिशा में चलने के कारण छाया क्षेत्र में आने वाले चीजों पर अप्रभावी रहती है। इसी कारण सामान्य कन्वेयर सिस्टम 50 फ़ीसदी तक ही सूक्ष्म जीवों को खत्म कर पाते हैं और दाएं-बाएं, ऊपर-नीचे अप्रभावकारी रहते हैं।
यूवी-सी किरणें बैक्टीरिया वायरस का तोड़ेगी डीएनए
आइआइटी जोधपुर ने अपने कनवेयर सिस्टम में यूवी-सी किरणों का प्रयोग किया है। इसकी रेंज 200 से 280 नैनोमीटर तक है। ये विकिरणें धातु से टकराने के बाद हाइड्रोक्सिल और हाइड्रोजन पराक्साइड आयन उत्पन्न करती है जो चारों तरफ मौजूद बैक्टीरिया और वायरस के डीएनए और कोशिका भित्ति को खत्म कर देता है। इसका उपयोग फूड पैकेट्स, मोबाइल, लैपटॉप, कुरियर बंडल, कैरी बैग, फल-सब्जियां सहित विभिन्न कामों में किया जा सकता है। इससे पानी, रसायन और ऊर्जा की काफी बचत होगी।
पोट्रे के साथ एमओयू
आइआइटी जोधपुर के निदेशक प्रो शांतनु चौधरी और पोट्रे ऑटोमेशन निदेशक अनिल साप्रा ने बुधवार को एमओयू किया। कन्वेयर सिस्टम आइआइटी के भौतिक विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रामप्रकाश सीरी के समन्वय में डॉ दीपक फुलवानी, डॉ अंबेश दीक्षित, डॉ अंकुर गुप्ता, डॉ नेहा जैन सहित अन्य छात्रों ने तैयार किया।