
जोधपुर. प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की परीक्षाएं भले ही रद््द हो गई हो लेकिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर अपने छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन मोड पर परीक्षाएं करवा रहा है। सोमवार से आइआइटी जोधपुर की परीक्षाएं शुरू हुई। करीब 1200 छात्रों ने घर से ही आइआइटी द्वारा विकसित किए गए विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से परीक्षा में बैठे। आइआइटी ने सुविधा के अभाव छात्रों को कैंपस आकर हॉस्टल परीक्षा देने का विकल्प भी दिया था। ऐसे में 7 छात्र परीक्षा देने आइआइटी कैंपस भी पहुंचे। 21 जुलाई को अंतिम पर्चा होगा। इस परीक्षा के जरिए छात्रों के केवल 20 फ़ीसदी अंक जुड़ेंगे। मूल्यांकन के 60 प्रतिशत अंक क्विज, असाइनमेंट प्रोजेक्ट, ओपन बुक एग्जामिनेशन और मौखिक परीक्षा के होंगे। शेष 20 फीसदी अंक मार्च में हुई माइनर परीक्षा से जोड़े जाएंगे।
परीक्षा में नकल रोकने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर
आइआइटी के सभी छात्र अपने घर पर बैठकर ऑनलाइन परीक्षा दे रहे हैं। नकल की रोकथाम के लिए आइआइटी ने एक कम्पनी के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नया एग्जाम सॉफ्टवेयर तैयार किया है जो प्रॉक्टर्ड मोड में संचालित हो रहा है। सभी परीक्षार्थियों के लैपटॉप में कैमरा अनिवार्य किया गया है। कैमरे के जरिए सॉफ्टवेयर छात्रों की आंखों की पुतली की मूवमेंट, नई विंडो खोलने सहित उनके बॉडी मूवमेंट को ट्रैक भी कर रहा है।
24 जुलाई से प्रोजेक्ट इवोल्यूशन
आइआइटी में 24 जुलाई से बीटैक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए बीटीपी इवोल्यूशन, स्पेशलाइजेशन प्रोजेक्ट, एंटरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट, इंजीनियरिंग इवोल्यूशन प्रोजेक्ट होंगे। अन्य कक्षाओं के छात्रों के लिए यह मूल्यांकन 10 अगस्त से होगा।
1 सितम्बर से वर्चुअल कक्षाएं
आइआइटी जोधपुर में सितम्बर से नया सेमेस्टर शुरू होगा जो पूर्णतया ऑनलाइन मोड पर होगा। कक्षाएं भी ऑनलाइन होगी और परीक्षा भी। अब अगले साल से ही कैंपस कक्षाएं शुरू होने की संभावना है।
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‘आज से ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो गई। लगभग सभी छात्र घर से ही परीक्षा दे रहे हैं।’
अमरदीप शर्मा, पीआरओ, आइआइटी जोधपुर