
जोधपुर।
शहर के आस-पास बिना अनुमति कॉलोनियां खड़ी करने वालों ने ऐसी जमीन भी नहीं छोड़ी जहां रहवास संभव ही नहीं है। करीब 10 से ज्यादा खसरों पर 100 बीघा जमीन पर अवैध कॉलोनियां चिह्नित हैं। इन सभी कॉलोनियों पर अवैध का ठप्पा लगा हुआ है। कहीं नामुमकिन भाखर हैं तो कहीं कृषि भूमि है, जिन पर प्लॉट काट कर रहवासीय व व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है।
जेडीए अधिकारियों का मानना है कि ऐसी अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वालों को बाद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पिछले 10 दिन में जहां निरीक्षण किया उनमें जमीन का प्रकार ऐसा भी है जो रहवासीय में कन्वर्ट ही नहीं हो सकता, वहां भी आवासीय बस्ती बसाने पर तुले हैं। गौरतलब है कि जोधपुर राजस्व गांव के खसरा संख्या 632/368, 632/37 खसरे पर कॉलोनियां बनाई जा रही है। इसी प्रकार नादड़ी के खसरा नम्बर 79, बावड़ी से अणवाणा रोड पर खसरा संख्या 806, 806/1, 807/1 और 807/10, बनाड़ से नान्दड़ा कलां रोड पर खसरा नम्बर 278, 286/1/1, और करवड़ में खसरा संख्या 425, 425/1, 425/2 पर सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी चिह्नित की गई थी।
सडक़ सीमा से हटाए अतिक्रमण
जोधपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त कमर चौधरी के निर्देश पर गुरुवार को डालीबाई चौराहा से डीपीएस चौराहा तक सडक़ भाग एवं फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमणों को हटाया गया। मुख्य प्रवर्तन नियंत्रक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान ने बताया कि दस्ते द्वारा डालीबाई चौराहा से डीपीएस चौराहा तक सडक़ भाग के दोनों तरफ एवं फुटपाथ से अतिक्रमण हटाए गए। उपायुक्त पूर्व अनिल कुमार पूनिया के निर्देश पर नान्दड़ी के खसरा संख्या 99, 100 तथा ग्राम बनाड़ भोपालगढ़ रोड़ पर सैन्य क्षेत्र के 900 मीटर के भीतर चल रहे अवैध निर्माण कार्यों को बंद करवाया गया। उपायुक्त दक्षिण राजेन्द्र सिंह चांदावत के निर्देश पर ग्राम पाल के खसरा संख्या 233 ब्लॉक 39 शान्ति नगर योजना के विवादित भूखण्ड संख्या पर निर्माण नहीं करने की हिदायत दी गई। इस दौरान प्रवर्तन अधिकारी प्रवीण गहलोत, अमरसिंह रतनू, प्रवर्तन निरीक्षक अनिल शर्मा, महेन्द्र भार्गव, करनाराम जाट, पटवारी अभिषेक माथुर मौजूद थे।