जोधपुर

लूणी नदी खोदकर हर रात निकाल रहे सैकड़ों ट्रैक्टर बजरी, प्रशासन के मौन पर माफिया राज को मिल रही शह

बजरी माफिया को पुलिस व प्रशासन की भी मौन मदद मिल रही है। बजरी माफिया ने लूणी नदी में जाने के लिए कई रास्ते बना दिए है। पहले दो ही रास्ते हुआ करते थे। एक पिचियाक से और दूसरा बडी से।
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illegal gravel mining in luni river in jodhpur
लूणी नदी खोदकर हर रात निकाल रहे सैकड़ों ट्रैक्टर बजरी, प्रशासन के मौन पर माफिया राज को मिल रही शह

जोधपुर/बिलाड़ा. जिले के बिलाड़ा के समीप बजरी माफिया रात को जेसीबी लगाकर धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे हैं। ट्रैक्टर भर कर सप्लाई हो रही है। बजरी माफिया को पुलिस व प्रशासन की भी मौन मदद मिल रही है। बजरी माफिया ने लूणी नदी में जाने के लिए कई रास्ते बना दिए है। पहले दो ही रास्ते हुआ करते थे। एक पिचियाक से और दूसरा बडी से। लेकिन बजरी माफिया ने नदी में जाने के लिए अनेक रास्ते बना दिए हैं। लूणी नदी में रोज रात को जेसीबी लगाकर लगभग सौ टै्रक्टर भर कर सप्लाई होती है।

इसी तरह भावी इलाके से भी लूणी नदी में रामनगर सरहद पर दिन-रात अवैध बजरी खनन हो रहा है, लेकिन खनिज विभाग व प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। रात 10 बजे के बाद बजरी को कच्चे रास्तों से ले जाकर स्टॉक किया जाता है। ग्रामीण सम्पत पूनिया ने बताया कि अवैध खनन से नदी में 100 फीट तक के गहरे गड्ढे बने हुए हैं। मवेशियों के लिए बड़े-बड़े गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं।

Published on:
23 Feb 2020 04:07 pm