जोधपुर

मंगलमूर्तियों का उत्साहपूर्वक घरों में ही किया विसर्जन

- प्रमुख जलाशयों पर रहा पुलिस का पहरा, -जलाशयों से निराश लौटे बप्पा के भक्त    
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Sep 01, 2020
मंगलमूर्तियों का उत्साहपूर्वक घरों में ही किया विसर्जन
मंगलमूर्तियों का उत्साहपूर्वक घरों में ही किया विसर्जन

जोधपुर. घरों में विगत दस दिनों से मनाए जा रहे गणपति महोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी मंगलवार को मंगलमूर्तियों के विसर्जन के साथ हो गया। अलसुबह से देर शाम तक मुख्य विसर्जन स्थल गुलाब सागर जलाशय पुलिस के पहरे में रहा। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण जलाशयों में मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध होने के बावजूद शहर के विभिन्न कॉलोनियों-मोहल्लों के घरों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए भक्तों का पहुंचने का क्रम सुबह से ही शुरू हो गया। पुलिस का पहरा होने से कई लोग मूर्ति को लेकर घूमते भी नजर आए। आर्य मरुधर व्यामशाला के वरिष्ठ दलपति सुरेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में गुलाब सागर घाट पर आने वाले भक्तों को समझाइश के लिए व्यायामशाला के 25 सदस्यों की टीम ने पुलिस प्रशासन का सहयोग किया। इनमें वीरेंद्र देव अवस्थी, सूर्य बहादुर सिंह, दशरथ प्रजापति, उमेश शर्मा आदि शामिल है। गुलाब सागर के अलावा उम्मेद सागर, कायलाना अखेराज तालाब, तख्त सागर के बाहर पुलिस प्रशासन की सक्रियता के चलते गणपति विसर्जन नहीं हो पाया। लाल सागर जलाशय पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से कुछ लोगों ने मूर्तियों का विसर्जन भी किया।

रामतलाई नाडी पर मूर्तियों का केवल जलाभिषेक
मंडोर क्षेत्र के रामतलाई जलाशय पर पुलिसकर्मियों व रामतालाई नाडी संरक्षण विकास समिति के सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों से समझाइश भी की । बाद में उन्हें जलाभिषेक कर मूर्ति को जलाशय से बाहर रखने दिया। इस दौरान गणपति प्रतिमा के कान में कुछ कहकर मनौति मांगती भी नजर आई। महाराष्ट्र समाज जोधपुर की ओर से गणपति प्रतिमा का विसर्जन शास्त्रीनगर स्थित समाज भवन परिसर में ही जलपात्र में ही किया गया।

गणेश मंदिर में पंचामृत महाभिषेक

रातानाडा गणेश मंदिर में मंगलवार को गणपति प्रतिमा का पंचामृत से महाभिषेक से किया गया। पंडित दाऊलाल जोशी के आचार्यात्व में अभिषेक पूर्ण होने के बाद 1008 लड्डुओं का भोग लगाकर देश में खुशहाली और कोरोना महामारी से जल्द मुक्ति की कामना की गई। कोरोना महामारी के चलते अभिषेक व महाआरती में केवल मंदिर पुजारी कृष्णमुरारी शर्मा, कमल किशोर ,नरेश व प्रदीप अबोटी ने ही भाग लिया। पुजारी परिवार के मनीष व वीनू ने अभिषेक के बाद नवीन पोशाक से विशेष शृंगार करने में सहयोग किया। पुजारी कृष्ण मुरारी ने बताया की हर साल गणेश महोत्सव गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक मनाते है लेकिन इस बार केवल पुजारी परिवार ने ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ धार्मिक रस्में पूरी की है।

प्रशासन के गाइडलाइन की हुई पालना
कुम्भेश्वर युवा शक्ति संगठन की ओर से सरदारपुरा महादेव मंदिर खाडिय़ा बास में दस दिवसीय गणेश महोत्सव का समापन प्रशासन की गाइडलाइन पालन करते हुए किया गया। संगठन के अमित पाराशर ने बताया कि बप्पा का पंचामृत से अभिषेक कर अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना के साथ विदाई दी गई । श्याम नगर महिला मण्डल की ओर से 'गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ.. के जयघोष के बीच महिलाओं ने घर में ही जलपात्र में गणपति का विसर्जन किया गया। मंडली की नीलम कंसारा ने बताया महिलाओं ने भजन प्रस्तुत किए। मदेरणा कॉलोनी में बालाजी विकास समिति की ओर से गणपति प्रतिमा का अभिषेक किया गया।

Updated on:
01 Sept 2020 11:13 pm
Published on:
01 Sept 2020 11:13 pm