
जोधपुर.
राज्य के नए डीजीपी कपिल गर्ग ने पदभार ग्रहण करते समय गश्त प्रणाली को मजबूत करने का जिक्र करते हुए किया था। कार्यभार संभालने के कुछ दिन बाद प्रदेश के उच्चाधिकारियों को 1 फरवरी से रात्रि गश्त के दौरान कुछ जगह चिन्हित कर रजिस्टर में संदिग्ध वाहनों की एंट्री करने के निर्देश दिए थे और कहा था कि रात्रि गश्त के दौरान अधिकारी इन रजिस्टर की जांच करेंगे। इस नवाचार का उद्देश्य अधिकारियों को गश्त के दौरान फील्ड में भेजने और गश्त टीम को और चौकन्ना करना है। प्रदेश भर में 1 फरवरी से लागू होने वाले आदेश को जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट ने 19 दिन पहले, 12 जनवरी को लागू कर दिया।
डीसीपी (पश्चिम) मोनिका सेन ने बताया कि हर थाना क्षेत्र में ऐसी करीब 20 से 25 ऐसी जगह जहां चोरियां अधिक होती हैं, बिना गाडर््स वाले एटीएम, बदमाश और शरारती तत्वों के बैठने की जगह, भीड़भाड़ वाली जगह चिन्हित कर रजिस्टर रखवाए गए हंै।
रात्रि में गश्त करने वाली टीम रजिस्टर अपने पास रखेगी। कोई संदिग्ध वाहन दिखने पर उन्हें रुकवा कर नाम, मोबाइल नम्बर व एड्रेस और रात में जाने का कारण पूछा जाएगा। अगर कोई संदिग्ध वाहन रुकने के इशारे के बाद भी नहीं रुके तो वाहन नम्बर नोट कर कंट्रोल रूम को सूचना दी जाएगी।
गश्त अधिकारी चैकिंग के समय रजिस्टर की जांच कर हस्ताक्षर करेंगे। गश्त करने वाली टीम को को एक बार इन पॉइंट पर आना ही होगा। सुबह उच्चाधिकारी ये रजिस्टर चेक करेंगे।
गश्त टीम सतर्क होकर काम करेंगी
‘डीजीपी ने गश्त टीम को चौकन्ना व सतर्क रखने के लिए नवाचार शुरू किया है। पुलिस कमिश्नरेट में इसे 12 जनवरी से लागू कर दिया गया है। रात्रि गश्त को मजबूत करने के लिए ओर भी कई प्रयास किया जाएंगे।
बीजू जोर्ज जोसफ, पुलिस कमिश्नर, जोधपुर