जोधपुर

वारंटी अवधि में आइ फोन ठीक नहीं करना पड़ा भारी

बहुराष्ट्रीय कम्पनी पर लगाया जुर्माना
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In the warranty period, the phone did not have to heal
वारंटी अवधि में आइ फोन ठीक नहीं करना पड़ा भारी

जोधपुर.

मोबाइल कम्पनी की ओर से वारंटी अवधि में आई फोन ठीक नहीं करने पर उपभोक्ता संरक्षण मंच (प्रथम) के अध्यक्ष अतुलकुमार चटर्जी तथा सदस्य राजाराम सर्राफ ने कम्पनी पर पांच हजार रुपए जुर्माना का लगाया है।

कोर्ट ने आदेश दिया कि कम्पनी के अधिकृत सर्विस सेन्टर निर्णय की तारीख से एक माह के भीतर परिवादी का मोबाइल को नि:शुल्क ठीक करे।

ठीक न होने की दशा में परिवादी को मोबाईल के बदले इसी मॉडल का नया त्रुटिरहित मोबाइल देने या मोबाइल की कीमत 51 हजार,500 रुपए 9 प्रतिशत वार्षिक दर से मय ब्याज का आदेश दिया।

यह था मामला

खोखरिया निवासी सुनील चौधरी ने 2014 में आइ फोन (5 एस गोल्ड) 51,500 रुपए में बिल वारंटी के साथ खरीदा था। कुछ समय बाद मोबाइल में चार्जिंग की समस्या होने लगी।

खरीदार ने सर्विस सेन्टर पर मोबाइल रिपेयर के लिए दिया। सर्विस सेन्टर ने चार्जिंग सर्किट क्षतिग्रस्त होने के आधार पर ठीक नहीं किया तथा मोबाइल बिना ठीक किए लौटा दिया।

पीडि़त खरीददार ने अधिवक्ता किशोरकुमार व्यास के मार्फत न्यायालय में परिवाद पेश कर बताया कि मोबाइल में वारण्टी अवधि के दौरान ही खराबी हुई है।

अधिवक्ता ने न्यायालय में कहा कि परिवादी ने एक मंहगा उत्पाद अपने कार्य को सुगम बनाने की दृष्टि से खरीदा है इसलिए भुगतान की गई पूरी रकम तथा मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए हर्जाना दिलाया जाए। न्यायालय ने उपस्थित सभी पक्षों के तर्कों को सुनकर परिवादी के पक्ष में फैसला दिया।

Updated on:
06 Mar 2019 07:51 pm
Published on:
06 Mar 2019 07:51 pm