
NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. अनुवादक शब्दों और अक्षरों का अनुवाद तो कर सकते है लेकिन भाषा का अनुवाद करने के लिए भाषाविद का होना कितना जरूरी है ये जोधपुर नागौर मार्ग के नेशनल हाइवे 62 पर लगे दिशा ***** सूचना पट्ट की अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है।
दरअसल, अनुवाद में त्रुटि से हाइवे के दिशा ***** सूचना पट्ट पर अंकित गांवों के वास्तविक नाम ही बदल गए हैं। जोधपुर-बीकानेर हाइवे पर अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद करके लिखे गए कई गांवों के नाम देखकर वाहन चालक व स्थानीय लोग भी चौंक जाते हैं। मसलन जिले के गांव बावड़ी का नाम हाइवे सूचना पट्ट पर 'बाओरी Ó लिखा है। इसी तरह नेतड़ा को 'नेत्राÓ बताया जा रहा है। माणकलाव को 'मानेकलावÓ दर्शाया गया है। मंडोर के सुरपुरा और नयापुरा क्षेत्र को भी क्रमश: सुरपूरा और नयापूरा लिख दिया गया है। इन त्रुटियों पर कई लोगों ने सम्बन्धित अफसरों का ध्यान भी खींचा, लेकिन कोई सुधार नजर ही नहीं आ रहा।