
जोधपुर. शहर की प्रमुख सडक़ों और चौराहों पर यातायात पीक ऑवर्स में जाम हो जाता है। इसका बड़ा कारण सुबह काम पर आने का समय और शाम को छुट्टी के बाद सडक़ों पर आने वाले वाहन हैं। शहर की हार्ट लाइन कही जाने वाली मुख्य सडक़ के अलावा कुछ अन्य सडक़ें व 10 प्रमुख चौराहों पर सुबह 9 से 11 और शाम को 6 से 8 बजे के पीक ऑवर में सबसे ज्यादा जाम रहता है।
पिछले एक दशक में शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कई गुणा बढ़ी है। इसी कारण 7 साल पहले शहर में यातायात घनत्व व ओरिजन व डेस्टिनेशन (ओएंडडी) का एक सर्वे करवाया गया था। इसमें यातायात नियंत्रण बोर्ड ने सभी प्रमुख चौराहों व ट्रैफिक पॉइंट पर लोगों से पूछताछ की थी। इसमें लोगों के जवाब के हिसाब से यह तय किया गया कि अधिकांश यातायात किस तरफ से आता है और किस ओर जाता है। इस आधार पर एलिवेटेड का प्रस्ताव 2012 में दिया गया। लेकिन इसके बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब फिर से इसके लिए प्रयास शुरू हुए हैं।
प्रमुख हार्ट लाइन सडक़: आखलिया सर्किल से महामंदिर सर्किल तक
प्रमुख चौराहे - पावटा चौराहा, खेतसिंह बंगला सर्किल, महामंदिर सर्किल, नई सडक़, जालोरी गेट, दल्लेखां चक्की, शास्त्रीनगर थाना तिराहा, एम्स सर्किल, आखलिया सर्किल, जलजोग सर्किल पर सुबह व शाम के समय सबसे ज्यादा जाम लगता है।
दो दर्जन कार्यालय, एक दर्जन बस व ट्रेन
शहर के प्रमुख चौराहों में से एक पावटा चौराहा के पास जिला कलक्टर के दो दर्जन से ज्यादा कार्यालय, हाईकोर्ट, रोडवेज बस स्टेंड, राइकाबाग, रेलवे स्टेशन की एक दर्जन बस व ट्रेनों का एक ही समय होने के कारण दो घंटों के अंतराल में सबसे ज्यादा जाम लगता है। सरकारी कार्यालयों में सुबह 9 से 11 बजे तक कर्मचारियों व लोगों के जाने के कारण वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। शाम को 6 से आठ बजे कर्मचारियों व लोगों के घर लौटने के कारण फिर से जाम लगता हैं। आमजन पीक ऑवर में जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग कर जाम में फंसने से बच सकते हैं।
वैकल्पिक रास्ते
महामंदिर से रातानाडा की तरफ जाने के लिए रसाला ओवरब्रिज से मिलिट्री अस्पताल होकर सर्किट हाउस के रास्ते जा सकते हैं।- नई सडक़ से कलक्ट्रेट और महामंदिर आने के लिए पब्लिक पार्क के पीछे से निकलने वाले रास्ते से मिर्धा सर्किल से हाईकोर्ट और महामंदिर की तरफ जा सकते हैं।
शहर को दो हिस्सों को जोडऩे वाली रोड व प्रमुख मार्केट
शहर का सबसे व्यस्त चौराहा नई सडक़ शहर के दो हिस्सों को जोड़ती है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, एमजीएच व उम्मेद अस्पताल, नई सडक़, त्रिपोलिया, घंटाघर जैसे प्रमुख मार्केट के कारण नई सडक़ चौराहा व पुरी तिराहे पर सुबह व शाम के समय सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है। मोहनपुरा पुलिया के ध्वस्त होने के बाद हालांकि वाहनों का दबाव कम हुआ है। लेकिन यह अस्थाई है।
वैकल्पिक रास्ते
पावटा चौराहा से जालोरी गेट की तरफ जाने के लिए दर्पण सिनेमा के पीछे से निकलने वाले रास्ते से चारभुजा रोड होकर जालोरी गेट व रेलवे स्टेशन की तरफ जा सकते है।
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड को जोडऩे वाली रोड
शहर को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड से जोडऩे वाले दो प्रमुख चौराहे दल्लेखां चक्की व शास्त्रीनगर थाना चौराहा पर शाम के समय सबसे ज्यादा जाम लगता हैं। शास्त्रीनगर थाने के सामने लगाए बेरिकेट से शाम के समय यातायात व्यवस्था और बिगड़ जाती हैं।वैकल्पिक रास्ताशास्त्रीनगर से चौपासनी हाउसिंग बोर्ड जाने के लिए अन्य कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं हैं। लेकिन पाल रोड पर डिवाइडर को तोडकऱ तिराहा बनाकर मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर रोड से होकर वैकल्पिक रास्ता बनाया जा सकता है।
हर साल 12 लाख पर्यटक, किले के लिए वैकल्पिक मार्ग नहीं
राजस्थान की ट्रिपल सी (कल्चरल कैपिटल सिटी) जोधपुर सिटी टूरिज्म के ग्लोबल फलक पर एक महत्वपूर्ण टूरिज्म सिटी के रूप में उभरा है। टूरिस्ट रेटिंग में इजाफे के कारण जोधपुर में हर साल 12 लाख से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। लेकिन मेहरानगढ़ किले जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के कारण किला रोड पर अक्सर कई घंटों तक ट्रैफिक जाम के कारण पर्यटकों व आमजन को परेशान होना पड़ता है।
इनका कहना...
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए एलिवेटेड रोड प्रस्तावित की गई है। इसमें यातायात सर्वे प्रस्तावित है। इसमें एक दिन पूरा पैसेंजर कार इक्यूवेलेंट (पीसीयू) व ओरिजन व डेस्टिनेशन नापा जाता है। पिछले करीब 7-8 आठ साल अंतिम बार नापा गया था।
- संदीप माथुर, अधिशासी अभियंता, जेडीए जोधपुर