जोधपुर

सांभर झील किनारे बनेगा देश का पहला ट्रायल ट्रेक, देशभर की ट्रेनों का ट्रायल जोधपुर मंडल में होगा

इस पर करीब 353.48 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
2 min read
Gurjar Reservation
Train Darell in Katni-Bina Rail Line

अमित दवे/जोधपुर. देश में दौडऩे वाली हाईस्पीड व रेगुलर ट्रेनों का ट्रायल जोधपुर मण्डल में होगा। जोधपुर रेल मण्डल के नावां में देश का पहला रेलवे टेस्ट ट्रेक बनाया जा रहा है। इसके बाद भारत भी रेलवे टेस्ट ट्रेक वाले देशों में शामिल हो जाएगा। सांभर झील के गुढ़ा से ठठाना मीठड़ी स्टेशन होकर गुजरने वाले टेस्ट ट्रेक की लंबाई 25 किमी होगी। रेलवे के एक मात्र अनुसंधान संगठन रिसर्च डिजाइन एंड स्टेण्डर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। इस ट्रेक के उपयोग से कई नए परीक्षण, इसके घटक रेलवे पुलों और भू तकनीकी क्षेत्र से संबंधित नई तकनीकों का परीक्षण संभव होगा। इस ट्रेक को हाई एक्सल लोड वैगन के ट्रायल के लिए भी इस्तेमाल में लिया जाएगा। इस पर करीब 353.48 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

वर्तमान में मौजूदा लाइनों पर ही हो रहा टेस्ट

अमरीका, इंग्लेण्ड, चीन, जापान, जर्मनी, फ्रांस, रूस आदि देशों में टेस्ट ट्रेक का इस्तेमाल किया जाता है जबकि भारत में अभी किसी भी नई ट्रेन या वैगन का मौजूदा लाइनों पर ही टेस्ट किया जाता है। व्यवस्था के अनुसार कहीं पर ट्रायल के समय उस ट्रेक पर रेल परिवहन को रोक दिया जाता है। इससे रेल यातायात परिवर्तित और बाधित होता है।

गुढा से ठठाना-मीठड़ी तक होगा ट्रायल

रेलवे प्रशासन ने इसके लिए बरसों पुरानी रेल लाइन की जगह को चुना है। जहां 1978 से पहले साधारण ट्रेनों की आवाजाही होती थी। लेकिन 1975 में बाढ़ आने के बाद रेलवे ने नावां में नया रेलवे स्टेशन बना लिया। इसके बाद यह पुरानी रेलवे लाइन हटा दी गई। अब रेलवे ने इस स्थान को ट्रायल ट्रेक के लिए चुना है। ट्रायल के लिए ट्रेन गुढ़ा से रवाना होकर ठठाना-मीठड़ी तक जाएगी। इसमें ट्रायल के लिए 20 किमी का सीधा ट्रेक मिलेगा। इसके अलावा 5 किलोमीटर का कवर्ड ट्रेक मिलेगा। इससे रेल यातायात भी बाधित नहीं होगा। वर्तमान में इसके तहत मेजर ब्रिज व माइनर ब्रिज प्रेसट्रेस्ड कॉन्क्रीट (पीएससी) स्लेब के प्रस्तावित टेस्ट ट्रेक से कनेक्शन के तहत 25 किमी के बीच कार्य होगा।

देश का पहला टेस्ट ट्रेक

जोधपुर मण्डल के नावां में देश के पहले टेस्ट ट्रेक के लिए गजट जारी हो चुका है। यह राष्ट्रीय महत्व का विषय है। इसकी स्वीकृत राशि करीब 353.48 करोड़ रुपए है। जमीन की चारदीवारी के लिए पिलर बनाने का काम चल रहा है।
अभय शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर

Published on:
13 Feb 2019 10:31 am