
जोधपुर. भारतीय वायुसेना पाकिस्तानी बॉर्डर पर देश में बने लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) की पहली यूनिट तैनात करने जा रही है। इसका प्रथम स्क्वाडर्न जोधपुर में तैनात होगा, जिसके अंतर्गत 10 एलसीएच हेलीकॉप्टर आएंगे। यह लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। एलसीएच पुराने रूसी हेलीकॉप्टर एमआई-35 व एमआई-25 की जगह लेगा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की ओर से वर्तमान में 9 एलसीएच तैयार किए गए हैं।
मार्च 2022 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) ने 3,887 करोड़ रुपये की लागत से एलसीएच के 15 लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन (एलएसपी) वेरिएंट की खरीद को मंजूरी दी थी। साथ ही 377 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे को मंजूरी दी थी। 15 हेलीकॉप्टरों में से 10 वायुसेना के लिए और पांच थल सेना के लिए हैं। एलसीएच को एचएएल ने डिजाइन व विकसित किया है। इसके 45 फीसदी से अधिक पुर्जे देश में बने हैं।
2 लोग बैठ सकेंगे, तीन घण्टे से अधिक उड़ेगा
- 51.10 फीट लम्बा व 15.5 फीट ऊंचा
- 5800 किलोग्राम वजन
- 700 किलो के हथियार लगेंगे
- 15 हेलीकॉप्टर बनाने का सरकार ने दिया है ऑर्डर, अब तक नौ बने
- 2 लोग बैठ सकते हैं
- 268 किमी प्रतिघण्टा अधिकतम रफ्तार
- 550 किलोमीटर रेंज
- 3 घण्टे 10 मिनट तक लगातार उड़ सकता है
- 6500 फीट की ऊंचाई पर जा सकता है
ये हथियार एलसीएच को बनाएंगे घातक
- 20 मिमी की एम621 या नेक्सटर टीएचएल-20 टरेट गन
- 4 हार्ड प्वांइट्स यानी रॉकेट, मिसाइल व बम लगाए जाएंगे
- लेजर गाइडेड रॉकेट रहेंंगे
- हवा से सतह व हवा से हवा में मार गिराने में सक्षम
- 4 गुणा 2 मिस्ट्रल की हवा से हवा में मारने वाली मिसाइल
- 4 गुणा 4 धु्रवास्त्र एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल
- क्लस्टर म्यूनिशन, अनगाइडेड बम व ग्रेनेड लॉन्चर
अत्याधुनिक एवियोनिक्स से नहीं बचेगा दुश्मन
एलसीएच पर एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम लगा है जिससे दुश्मन छिप नहीं सकेगा और न ही इस पर हमला करना आसान होगा। ये सिस्टम हेलीकॉप्टर को मिसाइल का टारगेट बनने की पहले ही सूचना दे देंगे। इसमें राडार एण्ड लेजर वार्निंग सिस्टम, शैफ व फ्लेयर डिस्पेंसर भी है ताकि शत्रु से आने वाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया जा सके।