जोधपुर

भारतीय सेना के दो जवान पाक की आइएसआइ महिला के हुए शिकार, फेसबुक पर पहचान, इंटरनेट कॉल से होती थीं बातें

पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ ( ISI ) के हनीट्रैप ( Honeytrap ) में फंसे सेना ( Indian Soldier ) के दो जवानों को खुफिया एजेंसियों ने मंगलवार को जोधपुर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि दोनों जवान फेसबुक ( Facebook ) व वाट्सऐप ( Whatsapp ) के जरिए पिछले करीब डेढ़ साल से महत्वपूर्ण सामरिक जानकारियां पाकिस्तान ( Pakistan ) भेज रहे थे...
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Nov 06, 2019
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जोधपुर। पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ ( ISI ) के हनीट्रैप ( honeytrap ) में फंसे सेना ( indian soldier ) के दो जवानों को खुफिया एजेंसियों ने मंगलवार को जोधपुर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि दोनों जवान फेसबुक ( Facebook ) व वाट्सऐप ( WhatsApp ) के जरिए पिछले करीब डेढ़ साल से महत्वपूर्ण सामरिक जानकारियां पाकिस्तान ( Pakistan ) भेज रहे थे। दोनों को विस्तृत पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया है।

गिरफ्त में आया एक जवान मूलत: मध्यप्रदेश और दूसरा ओडिशा का रहने वाला है। पकड़े गए सेना के दोनों जवान पोकरण ( Pokhran ) में तैनात थे। अभी पोकरण में सेना का एक महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास भी चल रहा है। छुट्टी पर पोकरण से अपने गांव जा रहे इन जवानों को सीआईडी ( CID ) की टीम ने दबोच लिया। इन्हें सीधे जयपुर ले जाया गया है।

फेसबुक पर हुई पहचान
सूत्रों के अनुसार सेना की 12 गार्डस के लांस नायक मूलत: मध्यप्रदेश के रवि वर्मा और ओडिशा निवासी कुक विचित्र बेहरा पोकरण में अकेले रहते थे। इनकी आइएसआइ की फील्ड यूनिट की एक महिला से फेसबुक ( Facebook ) पर पहचान हुई।

इंटरनेट कॉल से बातें होती थीं
आइएसआइ की महिला नाम के हिसाब से पंजाबी लगती थी। उसने पाकिस्तान में रहते हुए भारतीय नंबर से जवानों को इंटरनेट कॉल यानी वीओआइपी (वॉइस ऑन इंटरनेट प्रोटोकॉल) किया। भारतीय नंबर देख जवान झांसे में आ गए।

बैंक खातों में रकम जमा कराई
महिला दोनों से फेसबुक मैसेंजर और वाट्सऐप के जरिए बातें करती थी। इसी दौरान दोनों ने इस महिला के जरिए जैसलमेर में सेना की तैनाती, उपकरण, युद्धाभ्यास और अफसरों के मूवमेंट की सूचनाएं साझा की। इसकी एवज में दोनों के बैंक खातों में 5000 रुपए जमा कराना भी सामने आया है।

पुख्ता सूचना पर हिरासत में लिया
राज्य की गुप्तचर एजेंसियों ने पुख्ता सूचना और पड़ताल के बाद दोनों जवानों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक तौर पर हनी ट्र्रैप का मामला सामने आया है। जयपुर में विस्तृत पूछताछ के बाद अन्य तथ्य उजागर हो सकते हैं।
- उमेश मिश्रा, अतिरिक्त महानिदेशक, इंटेलिजेंस राजस्थान

Updated on:
06 Nov 2019 01:17 pm
Published on:
06 Nov 2019 09:59 am