
घायल कुरजां को रेस्क्यू सेंटर में भर्ती करवाया गया है। गौरतलब है कि इस शीतकालीन प्रवास में कुरजां के घायल होने का पहला मामला है।
पक्षी प्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि पिछले शीतकालीन प्रवास के दौरान पक्षियों की वतन वापसी हो रही थी। इसी बीच कुछ पक्षी बीमार होने के चलते उड़ान नहीं भर पाए और यहीं पर रह गए थे। इन कुरजां में से एक पक्षी नियमित रूप से यहां देखा जा रहा था। इन दिनों इस अकेली कुरजां ने साथी पक्षियों के आने बाद उनके साथ विचरण शुरू किया था, लेकिन आज सुबह अन्य पक्षियों के साथ उड़ान भरते समय यह कुरजां नीचे गिरकर घायल हो गई तथा मुंह से रक्तस्राव शुरू हो गया। घायल कुरजां को फलोदी के रेस्क्यू सेंटर में भर्ती करवाया गया है।
२ सौ कुरजां कर रही अठखेलियां-
खीचन में इन दिनों करीब २ सौ पक्षियों ने नीचे उतरना शुरू कर दिया है तथा सुबह करीब ७ बजे प्रतिदिन चुग्गा लेने के लिए चुग्गाघर पंहुच रहे है। साथ ही आकाश में बड़ी संख्या में कुरजां के जत्थे उड़ते नजर आ रहे है, लेकिन अधिकांश कुरजां अब भी आसमान से अपने पड़ाव स्थलों पर सुरक्षा को लेकर जांच पड़ताल में ही जुटी हुई है तथा नीचे नहीं उतर रही है। (कासं)