
सडक़ हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाएं, नहीं होगी पूछताछ : एसीपी
-एम्स में यातायात जागरूकता कार्यक्रम
जोधपुर.
सडक़ हादसे में यदि कोई हताहत होता है तो आमजन उसे तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचाएं। अस्पताल प्रशासन अथवा पुलिस मददगार को रूकने के लिए बाध्य नहीं करेंगे। न ही मददगार को कोर्ट में गवाही देने के लिए मजबूर कर सकते हैं। सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) चैनसिंह महेचा ने एम्स परिसर के ऑडिटोरियम में शनिवार को आयोजित यातायात शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम के तहत एमबीबीएस तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को यह जानकारी दी।
एसीपी महेचा ने कहा कि सडक़ दुर्घटना में हताहतों की जान बचाने के लिए आमजन गुड सैमेरिटन यानि अच्छे मददगार बनें। घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि घायल को अस्पताल पहुंचाने के बाद गुड सैमेरिटन को रूकने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। न गवाह बनाने के लिए दबाव डाला जाएगा।