
जोधपुर. सैनिक क्षत्रिय माली सांस्कृतिक संवद्र्धन एवं इतिहास शोध संस्था जोधपुर की ओर से सूचना केन्द्र के मिनी ऑडिटोरियम में वीर शिरोमणि राव हेमा गहलोत पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य राजेन्द्र गहलोत ़ऐतिहासिक महापुरुषों का जीवन प्रेरणादायक होता है। उन्होंने वीर हेमा गहलोत की अश्वारूढ़ मूर्ति मण्डोर चौराहा या पास की पहाड़ी पर स्थापित कर उनकी वीरत्व का सम्मान करने की आवश्यकता बताई। विशिष्ठ अतिथि उत्तर क्षेत्र महापौर कुंती देवड़ा परिहार ने कहा राव की गेर के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के समन्वित प्रयास की जरूरत है। संगोष्ठी के अध्यक्ष प्रो. सोहन दान चारण, विशिष्ठ अतिथि डॉ. आईदान सिंह भाटी, श्याम सुन्दर भारती ने भी विचार व्यक्त किए। प्रारंभ में संस्था अध्यक्ष एवं राव हेमा गहलोत पर पुस्तक के लेखक आनंद सिंह परिहार वीर हेमा के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मोहनलाल गहलोत लिखित गोरां धाय (दृश्य अभियक्ति ) पुस्तक का लोकार्पण किया गया। संस्थान की ओर से जसधारी गोरां धाय द्वितीय पुरस्कार बाड़मेर की गीता कुमारी माली को देने की घोषणा की गई। मंच संचालन रतनसिंह चम्पावत व डॉ. अशोक गहलोत ने जताया।