
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर की एक निजी टाउनशिप पाश्र्वनाथ सिटी में पेयजल उपलब्ध करवाने के मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए जोधपुर विकास प्राधिकरण को तीन दिन का समय देते हुए अगली सुनवाई 19 नवंबर मुकर्रर की है। वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश देवेन्द्र कछवाहा की खंडपीठ में पाश्र्वनाथ सिटी के सभी नागरिकों की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान बताया गया था कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने निजी टाउनशिप में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करीब तीन करोड़ का तखमीना बनाकर जोधपुर विकास प्राधिकरण को भेज दिया है । जेडीए की ओर से अधिवक्ता मनोज भंडारी ने स्थिति स्पष्ट करने और निर्देश प्राप्त करने के लिए तीन दिन का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया ।
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तथ्य गलत साबित हुए तो जब्त होगी जमा राशि
-बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में हाईकोर्ट ने दिए आदेश
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में पिता द्वारा बेटी को अवैध निरुद्ध करने के आरोप पर याचिकाकर्ता को पचास हजार रुपए जमा करवाने के बाद नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। यदि आरोप झूठ पाया गया तो यह राशि जब्त होगी।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश देवेन्द्र कछवाहा की खंडपीठ में एक युवक ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर बताया कि उसने एक युवती से 28 अक्टूबर, 2020 को शादी की थी, लेकिन उसके पिता ने युवती को जबरन निरुद्ध कर लिया है। कोर्ट ने पाया कि दस्तावेजी साक्ष्यों के रूप में केवल एक अनुबंध को छोडक़र को शादी का कोई विधिक दस्तावेज पेश नहीं किया गया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तीन दिन में रजिस्ट्रार (न्यायिक) के पास 50 हजार रुपए जमा करवाने को कहा है। इसके बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। अगली सुनवाई पर 26 नवंबर को यदि यह पाया गया कि युवती ने याचिकाकर्ता ने विधिक शादी नहीं की है या वह अपनी इच्छा से परिजनों के साथ रह रही है, कोर्ट ने जमा राशि जब्त करने को कहा है।