
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने एक लडक़ी की उम्र को लेकर संशय दूर करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह मेडिकल बोर्ड लडक़ी के ओसिफिकेशन टेस्ट के आधार पर आयु का निर्धारण करते हुए कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करेगा। न्यायाधीश संदीप मेहता एवं न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान एक लडक़ी को पेश किया गया। पूछने पर लडक़ी ने अपना नाम अलग बताया और कहा कि वह बालिग है। उसने अपनी इच्छा से शादी की है और उसके साथ खुशी से रह रही है। जबकि पुलिस की ओर से पेश स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार लडक़ी का जन्म वर्ष 2004 है। लडक़ी ने कोर्ट के समक्ष स्कूल रिकॉर्ड का विरोध करते हुए कहा कि यह उससे संबंधित नहीं है और न ही बताया गया नाम उसका है। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक लडक़ी की उम्र को लेकर संशय दूर करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह मेडिकल बोर्ड लडक़ी के ओसिफिकेशन टेस्ट के आधार पर आयु का निर्धारण करते हुए कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करेगा।