
जोधपुर। रीट परीक्षा की तर्ज पर ही पटवारी भर्ती परीक्षा में भी शहर में नेटबंदी रही। सुबह 6 बजे से ही नेट बंद कर दिए। जो कि शाम 5 बजे बाद शुरू हुए। प्रदेश के अन्य शहरों में जहां नेटबंदी थी वहां प्रशासन ने पहले ही आदेश जारी कर सूचना दे दी, लेकिन जोधपुर में एक बार फिर प्रशासन ने जनता को किसी प्रकार की सूचना देना उचित नहीं समझा। लोगों के मोबाइल पर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी की ओर से मैसेज आए तो जानकारी हुई।
अन्य जिलों में दी सूचना
जिला प्रशासन व संभागीय आयुक्त की ओर से प्रदेश के अन्य जिले जहां नेटबंदी हुई वहां एक दिन पहले ही आदेश जारी कर उसकी जानकारी जनता तक पहुंचाई गई। जिससे कि शहरवासी अपना कामकाज उस लिहाज से कर सकें। लेकिन जोधपुर में ऐसा नहीं हुआ।
नेट आधारित सेवाएं रही प्रभावित
इन दिनों इंटरनेट पर आधारित कई कार्य दिनचर्या में शामिल हो गए। ऐसे में नेटबंदी से यह कार्य भी प्रभावित हुए। आमजन की ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित होने से परेशान दिखे। मोबाइल भी अपेक्षाकृत कम काम आए।
परीक्षार्थियों को भी यह परेशानी
परीक्षार्थियों को भी नेटबंदी के कारण परेशानी हुई। डिजिटल पेमेंट भी परीक्षार्थी काफी उपयोग करते है, लेकिन यह सुविधा नहीं मिली। गूगल मैप की सहायता से परीक्षा केन्द्र तक पहुंचते हैं, लेकिन नेट बंद होने से इसमें भी परेशानी हुई।
आज भी 12 घंटे रहेगा इंटरनेट बंद
जिला प्रशासन से मिली सूचना के अनुसार रविवार को भी सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। पुलिस की ओर से शनिवार सुबह से रविवार शाम तक लगातार दो दिन की नेटबंदी की डिमांड आई थी लेकिन लगतार न कर प्रशासन ने शनिवार सुबह से शाम तक 12 घंटे और इसी प्रकार रविवार को भी 12 घंटे नेटबंद करने का निर्णय किया।
इंटरनेट बंद होने से उद्योगों में भी काम अटका
जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ने शनिवार को इंटरनेट बंद होने पर हो रही समस्याओं और उद्योगो को हो रहे करोड़ों रुपए के नुकसान को लेकर जिला कलक्टर इन्द्रजीतसिंह को ज्ञापन दिया। एसोसिएशन अध्यक्ष एनके जैन ने बताया कि इंटरनेट सेवा बंद रखने के जो निर्देश जारी किए गए हैं, उससे उद्योगो को बड़ा नुकसान हो रहा है। दरअसल देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा डिजिटल बन चुका है, ऐसे में इंटरनेट बंद होने से उद्योगो को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी आदेश के तहत शनिवार को मोबाइल बैंकिंग भी ठप रही। सहसचिव अनुराग लोहिया ने बताया कि सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए अधिकांश व्यापारी मोबाइल बैंकिंग करते हैं। नेट ठप रहने से व्यापारियों को करोड़ों रुपए का लेनदेन पूर्णतय बंद रहा, ई-वे बिल जनरेट नहीं हुए और कार्ड स्वैप नहीं हो सके।