पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त किया है, जिसमें एमआरआइ सेंटर के चेंज रूम में बने कुछ वीडियो मिले हैं। जो उसने मोबाइल छिपाकर रिकॉर्ड किए थे।
राजस्थान में जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल के एमआरआइ सेंटर के चेंज रूम में मोबाइल छिपाकर वीडियो बनाने के मामले में गिरतार सिक्योरिटी गार्ड के मोबाइल में कई राज हो सकते हैं। शास्त्रीनगर थाना पुलिस को अंदेशा है कि गार्ड ने चेंज रूम के वीडियो वायरल किए होंगे। हालांकि गार्ड ने इससे इनकार किया है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए मोबाइल को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा।
थानाधिकारी जुल्फिकार अली ने बताया कि प्रकरण में पावटा सर्कल के पास हाथियों की बावड़ी निवासी रहीमुद्दीन खान को पहले शांति भंग करने के आरोप गिरफ्तार किया गया था। जमानत मुचलके पर रिहा होने के बाद उसे एफआइआर में गिरतार किया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त किया है। जिसमें एमआरआइ सेंटर के चेंज रूम में बने कुछ वीडियो मिले हैं। जो उसने मोबाइल छिपाकर रिकॉर्ड किए थे।
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अब तक की पूछताछ में गार्ड ने खुद के देखने के लिए ही वीडियो बनाने की जानकारी दी है। पुलिस को अंदेशा है कि उसने यह वीडियो किसी और वायरल या फॉरवर्ड किए होंगे। हालांकि मोबाइल की जांच में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस को यह भी अंदेशा है कि उसने कोई वीडियो डिलीट किए होंगे। इस संबंध में पुष्टि के लिए मोबाइल की एफएसएल से जांच कराई जाएगी।
गौरतलब है कि एमआरआइ सेंटर में सोमवार रात एक महिला एमआरआइ जांच के लिए आई थी। चेंज रूम में पहुंची तो अलमारी के ऊपर रखे कार्टन में छोटे से हॉल से लाइट लगी नजर आई। संदेह होने पर महिला ने कार्टन उतारकर खोला तो उसमें मोबाइल था और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग ऑन थी। महिला ने अपने परिजन व एमआरआइ सेंटर प्रभारी से शिकायत की। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी और मोबाइल के आधार पर गार्ड रहीमुद्दीन को पकड़ लिया था।