
राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से जारी ट्रांसफर लिस्ट में पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। इस बदलाव के तहत जोधपुर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात चर्चित और जांबाज महिला अधिकारी IPS पी डी नित्या का तबादला अब जोधपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में बतौर एसपी कर दिया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश के बाद यह तय हो गया है कि वह इसी सप्ताह आधिकारिक रूप से ACB मुख्यालय पहुंचकर अपनी नई ज्वॉइनिंग रिपोर्ट पेश करेंगी। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि IPS पी डी नित्या की जगह अब उनके पति और 2022 बैच के तेजतर्रार IPS अधिकारी पंकज यादव को जोधपुर ग्रामीण का नया एसपी नियुक्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर के सबसे संवेदनशील और आतंकवाद प्रभावित इलाकों में अपनी सख्त कानून व्यवस्था के लिए अलग पहचान बनाने वाली IPS पी डी नित्या का राजस्थान के करप्शन ब्यूरो में जाना राज्य सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के संकल्प को दर्शाता है, जिससे जोधपुर संभाग के भ्रष्टाचारियों में हड़कंप मच गया है।
अब सरकार ने उनकी इसी बेदाग छवि, कड़क प्रशासनिक पकड़ और फील्ड के लंबे तजुर्बे को देखते हुए उन्हें जोधपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में एसपी के रूप में एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसी सप्ताह अपनी नई कुर्सी संभालने के साथ ही पी डी नित्या का मुख्य फोकस सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार, घूसखोरी के रैकेट और सरकारी पैसों का दुरुपयोग करने वाले तत्वों पर नकेल कसने पर रहेगा।
जोधपुर ग्रामीण की कप्तानी में उनकी जगह ले रहे उनके पति पंकज यादव के साथ मिलकर जोधपुर संभाग में कानून व्यवस्था और पारदर्शिता का एक नया दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
IPS पी डी नित्या का जन्म साल 1991 में छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में हुआ था। पुलिस सेवा में आने से पहले उनका बैकग्राउंड प्रशासनिक नहीं था। उन्होंने रायपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के चंद्रपुर में स्थित एक नामी सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में एक कॉर्पोरेट जॉब की।
इंडस्ट्रियल प्लांट में काम करने के दौरान उनका सामना वहां काम करने वाले मजदूरों और ग्रामीण इलाकों की जमीनी हकीकत से हुआ। लोगों की प्रशासनिक समस्याओं को देखकर उनके मन में बड़े स्तर पर जनसेवा करने का विचार आया। इसके बाद उन्होंने अपनी अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी को अलविदा कह दिया और देश की सबसे कठिन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने 2015 की परीक्षा में ऑल इंडिया 213वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का गौरवशाली पद प्राप्त किया।
2016 बैच की IPS अधिकारी पी डी नित्या को शुरुआत में AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर अलॉट किया गया था। उनकी पहली कुछ पोस्टिंग्स जम्मू-कश्मीर के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाकों में हुईं।
श्रीनगर में शुरुआती अनुभव: उन्होंने श्रीनगर के नेहरू पार्क के एसडीपीओ (SDPO) के रूप में अपने जमीनी करियर की शुरुआत की।
लेह की पहली महिला SSP: वह लद्दाख के लेह जिले की सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) बनीं, जहां उन्होंने हाई-अल्टीट्यूड और सामरिक रूप से संवेदनशील बॉर्डर एरिया में बेहतरीन पुलिसिंग का मॉडल पेश किया।
पुलवामा में आतंक के खिलाफ मोर्चा: जम्मू-कश्मीर के सबसे अशांत और आतंकी गतिविधियों के केंद्र माने जाने वाले पुलवामा जिले में उन्हें बतौर एसएसपी (SSP) तैनात किया गया। पुलवामा में उनके शांत, गंभीर और बेहद अनुशासित काम करने के तरीके की वजह से आम जनता और सेना के बीच एक शानदार तालमेल बना, जिसके लिए उनकी खूब सराहना हुई।
साल 2025 में गृह मंत्रालय (MHA) ने मैरिज ग्राउंड के आधार पर नियम 5(2) के तहत IPS पी डी नित्या का कैडर AGMUT से बदलकर Rajasthan Cadre कर दिया था। उन्होंने राजस्थान कैडर के ही 2022 बैच के युवा IPS अधिकारी पंकज यादव से विवाह किया है। राजस्थान कैडर में आने के बाद उन्हें सबसे पहले जोधपुर कमिश्नरेट में डीसीपी ईस्ट (DCP East) की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद उन्होंने जोधपुर ग्रामीण के एसपी के रूप में ग्रामीण इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने में बहुत ही शानदार काम किया।
IPS पी डी नित्या की लाइफ स्टोरी सिर्फ उनके शानदार करियर के लिए ही नहीं, बल्कि उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और पर्सनल लाइफ के सबसे बड़े संघर्ष के लिए भी जानी जाती है। नवंबर 2023 में जब वह कश्मीर में ड्यूटी पर तैनात थीं, तब उनके गृह राज्य छत्तीसगढ़ में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। इस भीषण सड़क दुर्घटना में पी डी नित्या ने अपने माता-पिता और अपनी सगी दादी को हमेशा के लिए खो दिया था। इस दिल दहला देने वाले पारिवारिक वज्रपात और गहरे इमोशनल लॉस के बाद भी उन्होंने खुद को संभाला और बहुत ही कम समय में वापस लौटकर पूरी निष्ठा के साथ देश सेवा की ड्यूटी जॉइन की. उनकी यह बहादुरी पूरे पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी मिसाल है।