
जोधपुर।
जोधपुर में इसबगोल की विशिष्ट मंडी नहीं बनेगी। कृषि उपज मंड़ी समिति ने करीब तीन वर्ष पहले नवम्बर 2017 में मंड़ी में अच्छी आवक को देखते हुए इसबगोल की विशिष्ट मंडी बनाने का राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन सरकार की ओर से प्रस्ताव में रुचि नहीं ली गई। मंडी समिति के पदाधिकारियों के अनुसार आंगणवा में बनने वाली अनाज मंडी में इसबगोल के व्यापार के अलग जोन होगा, जहां व्यापारी अच्छी तरह से व्यापार कर सकेंगे। पिछले लंबे अर्से से जीरे के साथ इसबगोल भी मंडी में आवक का रिकॉर्ड बना रही है। जीरे की आवक को देखते ही जोधपुर में जीरे की विशिष्ट मंड़ी है (विशिष्ट मंडी किसी कृषि जिंस प्रदेश की सबसे बड़ी मंड़ी होती है)।
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आंगणवा में 143 बीघा भूमि पर बनेगी अनाज मंडी
राज्य सरकार ने आंगणवा गांव में अनाज मंडी बनाने की घोषणा की है, यह प्रस्तावित मंडी करीब 143 बीघा जमीन पर बनेगी। अनाज मंडी के लिए पूर्व में 90 बीघा जमीन कृषि मंडी समिति को आवंटित हो रखी है। इस जमीन के पास वाली करीब 53 बीघा जमीन की मांग करने पर यह जमीन भी कृषि मंडी समिति को दी गई है।
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इसबगोल के बारे में
- 200 करोड़ का निर्यात होता है हर साल
- 90 फीसदी उत्पादन होता है राजस्थान में
- 8 किलो प्रति हेक्टयर में होता है उत्पादन
- 10 से ज्यादा रोगों में है फायदेमंद
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आवक को देखते हुए ही समिति ने तीन वर्ष पूर्व इसबगोल की विशिष्ट मंडी का प्रस्ताव भेजा था। अब आंगणवा में विशाल अनाज मंडी बनेगी, तो वहां इसबगोल के लिए विशेष जोन होगा।
सुरेन्द्रसिंह राठौड़, सचिव
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंडी समिति (अनाज)
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