जोधपुर

फेसबुक मैसेंजर पर हनीट्रेप कर रहे आइएसआइ एजेंट्स

- फेसबुक पर दोस्ती, वाट्सएप से होता है सामरिक सूचनाओं का आदान-प्रदान
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फेसबुक मैसेंजर पर हनीट्रेप कर रहे आइएसआइ एजेंट्स
फेसबुक मैसेंजर पर हनीट्रेप कर रहे आइएसआइ एजेंट्स

जोधपुर. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आइएसआइ) के लिए भारत से सामरिक महत्व की सूचनाएं हासिल करने में फेसबुक मैसेंजर बड़ा हथियार साबित हो रहा है। गत पांच वर्षों में प्रदेश के पांच दर्जन से अधिक लोग आइएसआइ की महिला एजेंट के हनीट्रेप में फंस चुके हैं। इनमें सेना से जुड़े सामान्य सैनिक, पूर्व सैनिक व उनके परिजन, सीमावर्ती व सैन्य छावनियों के आसपास रहने वाले लोग तथा गांव-कस्बों के जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं।

विशेष बात यह है महिला एजेंट फेसबुक पर फे्रंड रिक्सवेस्ट भेजती हैं। दोस्ती होने के बाद मैसेंजर पर बातें शुरू होती हैं। फिर वाट्सएप चैटिंग के जरिए ये एजेंट्स व्यक्ति को जाल में फंसा लेती है। फिर वाट्सएप के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान शुरू हो जाता है। हाल ही जयपुर में पकड़ा गया जोधपुर मूल का डाक कर्मचारी भी इसी तरह हनीट्रेप में फंसने की बात सामने आ रही है।

महिलाएं भी बन रही शिकार
आइएसआइ ने हाल ही में पूर्व सैनिकों के परिवार की महिलाओं से सूचनाएं हासिल करने के लिए पुरुष एजेंट्स को काम पर लगाया है। मध्यप्रदेश में पकड़ी गई दो बहनों को मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए पाक एजेंट्स ने शादी का झांसा देकर हनीट्रेप में फंसाया। पाक एजेंट्स महिलाओं को स्वयं के सेना के जुड़े होने का विभिन्न तरीके से हवाला देते हैं, जिससे सैनिक परिवार से जुड़ी महिलाएं उनकी बातों में आ जाती है।

कॉलिंग इंडिया से वाट्सएप पाक से
भारत में पाक के कुछ एजेंट्स अपने एक मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल केवल कॉलिंग के लिए करते हैं, जबकि उस नम्बर पर वाट्सएप पाकिस्तान में आइएसआइ के एजेंट इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भारतीय नम्बर से आया अनजान वाट्सएप भी पाकिस्तानी एजेंसियों का हो सकता है।

आइएसआइ में भर्ती की भी ट्रेनिंग
खुफिया सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में आइएसआइ एजेंट बनने के लिए कुछ निजी संस्थान एजेंट की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। पाकिस्तान के पंजाब कॉलेज के कई ट्रेनिंग सेंटर ट्रेनिंग के साथ आइएसआइ में प्रवेश करवाने का काम भी कर रहे हैं। ये संस्थान आइएसआइ को पाकिस्तानी युवाओं के बीच सिविलियन गवर्नमेंट से अधिक ताकतवर व बेहतर बताकर प्रचारित करते हैं। कुछ समय से महिला एजेंट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। महिला एजेंट का अधिकतर कार्यक्षेत्र केवल भारत रहता है।

Published on:
12 Sept 2021 08:16 pm