मुख्यमंत्री जन आवास योजना, हजारों आवंटियों का लंबा इंतजार खत्म होने की ओर, प्रथम फेज में चौखा में काम शुरू, 15 माह में ईडब्ल्यूएस-एलआइजी के 784 फ्लैट पूरे करने का लक्ष्य
जोधपुर। पिछले नौ साल से अपने घर का सपना देख रहे हजारों आवंटियों को एक बार फिर उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत कई साल तक फ्लैट नहीं मिलने से आवंटियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। अब जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने कार्यकारी समिति की बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति देने के बाद योजना का कार्य दोबारा शुरू करवा दिया है।
जेडीए ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत बनने वाले फ्लैटों के प्रथम चरण में चौखा क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। वहीं अधिकारियों का दावा है कि इसी माह के अंत तक तनावड़ा स्थित मुख्यमंत्री आवास योजना का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
जेडीए की ओर से नौ वर्ष पहले मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर फ्लैट उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई थी। योजना के तहत लोगों ने करोड़ों रुपए जेडीए के खाते में जमा करवाए, लेकिन इसके बावजूद फ्लैटों का निर्माण नहीं हो सका। इसके चलते आवंटियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई आवंटी फ्लैट नहीं मिलने पर अपनी जमा राशि वापस लेने के लिए जेडीए के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें रिफंड भी नहीं मिल पा रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए जेडीए ने बचे हुए कार्य को पूरा करने का प्रस्ताव पहले कार्यकारी समिति में रखा। इसके बाद कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया। जेडीए के प्रोजेक्ट एक्सईएन प्रदीप हुड्डा ने बताया कि चौखा में फ्लैट निर्माण पर करीब 33 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि चौखा में बनने वाले फ्लैटों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और आगामी 15 माह में इसे पूरा करने की गाइडलाइन दी गई है। इस कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी अजमेर और झुंझुनूं की एक फर्म को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि योजना में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 464 और एलआईजी श्रेणी के 320 फ्लैट शामिल हैं।
जेडीए ने वर्ष 2017 में चौखा, तनावड़ा, बड़ली और लोरड़ी पंडितजी सहित आठ स्थानों पर लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत से फ्लैट निर्माण परियोजनाएं शुरू की थीं। योजना के तहत करीब 5296 फ्लैट बनाए जाने थे। इसके लिए आमजन ने अग्रिम राशि जमा करवाई थी, लेकिन नौ साल बाद भी परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकीं।
आवंटी फ्लैट मिलने की बजाय अपनी जमा राशि के लिए जेडीए के चक्कर काटने को मजबूर थे। हालांकि गत वर्ष जेडीए ने ठेकेदार को टर्मिनेट कर दिया था। इसके बाद जेडीए ने स्वयं फ्लैट निर्माण का निर्णय लिया। इसी क्रम में अब चौखा की अधूरी पड़ी योजना को दोबारा शुरू करने का कार्य किया जा रहा है।